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भाजपा ने शुरू की बसपा में तोड़फोड़ की कोशिशें

कांग्रेस और बसपा के गठबंधन की अटकलों बीच भाजपा ने नए समीकरण पर काम शुरू कर दिया है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:21 AM IST
कांग्रेस और बसपा के गठबंधन की अटकलों बीच भाजपा ने नए समीकरण पर काम शुरू कर दिया है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में मतों के हिसाब से दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे बसपा के उन नेताओं से संपर्क की कोशिशें की जा रही हैं, जो कांग्रेस से गठबंधन के विरोध में हैं। हाल ही में लहार विधानसभा सीट पर 2013 के चुनाव में 34 हजार 585 वोट हासिल करने वाले रोमेश महंत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। रोमेश भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मथुराप्रसाद महंत के बेटे हैं। भाजपा से पटरी नहीं बैठी तो पिछले चुनाव में रोमेश ने बसपा का दामन थाम लिया था। भाजपा खासतौर पर चंबल-ग्वालियर और रीवा संभाग में यह कवायद कर रही है।

सतना में रैगांव सीट से बसपा विधायक ऊषा चौधरी से भी संपर्क की अटकलें हैं। पिछले दिनों ऊषा भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करके इन संभावनाओं को मजबूती दे चुकी हैं। भाजपा इस फाॅर्मूले का उपयोग पिछले चुनाव में भी कर चुकी है। 2008 में सेवढ़ा से बसपा विधायक रह चुके राधेलाल बघेल 2013 का चुनाव हार गए। इसके बाद भाजपा ने बघेल को भाजपा में शामिल कर लिया। हाल ही में मुंगावली और कोलारस उपचुनाव के दौरान बघेल को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। ग्वालियर-चंबल में सक्रिय रहे व बसपा से चुनाव लड़ चुके केदारनाथ वर्मा और परसराम मुदगल पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। दिमनी से वर्तमान बसपा विधायक बलबीर सिंह दंडोतिया और शिवराज सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की निकटता की भी चर्चा है। साफ है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले ही बसपा-कांग्रेस गठबंधन का तोड़ निकालने में जुटी है। इधर, प्रदेश बसपा अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का कहना है कि सभी विधायक व नेता पार्टी के साथ हैं। भाजपा से संपर्क की कोई सूचना नहीं है।