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ब्राह्मण समाज ने रैली निकालकर संगठन शक्ति का किया प्रदर्शन, सीएम ने की पांच बड़ी घोषणाएं

परशुराम जयंती पर प्रदेशभर में निकलने वाली रैलियों में यह संभवत: सबसे बड़ी रैली थी।

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:22 AM IST

भोपाल. भगवान परशुराम जयंती के दो दिन पूर्व सोमवार को ब्राह्मण समाज के लोगों ने राजधानी की सड़कों दो किमी से भी अधिक लंबी और अभूतपूर्व रैली निकाली। इसमें शामिल लोगों द्वारा ब्राह्मण जब-जब बोला है, राज सिंहासन डोला है, ब्राह्मण एकता जिंदाबाद और ब्राह्मण के वास्ते खाली कर दो रास्ते आदि नारे लगाए जा रहे थे। परशुराम जयंती पर प्रदेशभर में निकलने वाली रैलियों में यह संभवत: सबसे बड़ी रैली थी।

चर्चा में लोग इसे अघोषित रूप से ब्राहमण समाज का शक्ति प्रदर्शन मान रहे थे। लिंक रोड स्थित परशुराम मंदिर पहुंची रैली सभा में परिवर्तित हो गई। यहां मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राह्मण समाज के लिए घोषणाओं की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि समाज कोे भवन के लिए भूमि देंगे, भगवन परशुराम के जीवन के अंशों को पाठ्यक्रम में और तीर्थ दर्शन योजना में उनकी जन्म स्थली को शामिल करेंगे। साथ ही ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन पर भी विचार किया जाएगा। इसके पूर्व गोविंदपुरा स्थित दशहरा मैदान से शाम साढ़े चार बजे समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में रैली निकाली गई।

भारतीय संस्कृति भी ब्राह्मण समाज की देन

अभा ब्राहमण समाज द्वारा आयोजित सभा में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि भगवान परशुराम जी सदैव अन्याय के खिलाफ प्रतिकार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सभी समाजों का नेतृत्व किया है। भारतीय संस्कृति भी ब्राह्मण समाज की देन है। उन्होंने कहा कि धर्म की जय हो और अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, जैसे मूल मंत्र इस समाज ने ही दिया है। भगवान परशुराम संपूर्ण समाज के थे। ब्राह्मण समाज ने सदैव भारतीय समाज का नेतृत्व किया है। उनके बिना भारतीय संस्कृति को समझा नहीं जा सकता। भारतीय संस्कृति के आदर्शों का निर्माण समाज ने ही किया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कल्याण आयोग के स्वरूप निर्धारण पर भी विचार किया जाएगा।

तीर्थ दर्शन योजना में जन्मस्थली व पाठ्यक्रम में शामिल होगा भगवान परशुराम का जीवन

इस मौके पर चौहान ने समाज के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुशाभाउ न्यास को बावड़िया कला में दी गई भूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में था। इसके आवंटन संबंधी विवाद सुलझ गया है। अब कोर्ट के निर्देशोें का पालन करते हुए भूमि ब्राहमण समाज को दी जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया अनुसार भूमि आवंटन करवाने के लिए महापौर आलोक शर्मा को नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि निर्धन परिवारों के 70 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों की फीस भरवाने की योजना बनाई जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव (इन्दौर) को शामिल करने के साथ ही उसका और विकास किया जाएगा। इसके अलावा भगवान परशुराम के जीवन के अंश को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

बग्घियों में हर आयु वर्ग के लोग थे सवार

रैली चेचक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस चौराहा, भाजपा कार्यालय, नूतन कालेज, पांच नंबर होते हुए परशुराम मंदिर पहुंची। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। कई बग्घियों में युवा और बच्चे भगवान परशुराम का स्वरूप धारण किए विराजमान थे। अनेक महिलाएं बग्घी में सवार थीं। अभा ब्राह्मण समाज की रीता मिश्रा, ब्राह्मण एकता मंच की श्रद्धा पाण्डेय,लक्ष्मी शर्मा शामिल थीं। रैली में में शामिल कुछ लोगों के हाथ में बंदूक भी दिखाई दी।

परशुराम के जीवन पर आधारित वेबसाइट का शुभारंभ, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

इसके पूर्व शिव चौबे व रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से भगवान परशुराम के जीवन और संगठन के कार्यों पर आधारित वेबासाइट का शुभारंभ किया। अध्यक्ष मिश्रा, महासचिव महेंद्र मिश्रा व वीरेंद्र तिवारी आदि ने चौहान का स्वागत किया और मांगों का ज्ञापन सौंपा। महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव समाज का दिग्दर्शन किया है। समय की आवश्यकता है कि समाज ज्ञान, दान, कर्म, बुद्धि, कौशल और धर्म से ब्राह्मण बनें। एकजुट होकर वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करें। पूर्व विधायक पीसी. शर्मा ने कहा कि समाज को नई दिशा और दशा के लिये प्रयास जरूरी है। एकता समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सभी समाजों के कल्याण की चिंता करती है। कार्यक्रम में राकेश चतुर्वेदी सहित ब्राह्मण समाज की विभूतियां और सदस्य उपस्थित थे।