भोपाल

  • Home
  • Mp
  • Bhopal
  • 36th day of the hearing, judgment of Gangrap accused to death
--Advertisement--

भोपाल

भोपाल

Danik Bhaskar

Dec 23, 2017, 02:10 PM IST
फास्ट ट्रैक ने चारों आरोपियों फास्ट ट्रैक ने चारों आरोपियों

भोपाल। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भोपाल गैंगरेप को जघन्य अपराध मानते हुए चारों आरोपियों को प्राकृतिक रूप से डेथ होने तक की सजा सुनाई है। शनिवार को दोपहर बाद 2 बजे स्पेशल जज सविता दुबे ने चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुनवाई के साथ ही 36 वें दिन फैसला सुना दिया गया। हालांकि भोपाल गैंगरेप की घटना को 52 दिन पूरे हो गए हैं।

- इस दौरान चारों आरोपियों के साथ ही विक्टिम और उनकी मां भी कोर्ट में मौजूद थीं। विशेष जज सबिता दुबे ने भोपाल गैंगरेप को जघन्य अपराध माना था।

समाज में बनेगा नजीर
- केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की गई थी, इसे 52 दिन में पूरा किया गया था। एसपी रेल रुचिवर्द्धन मिश्रा ने बताया कि हम चाहते थे कि इस मामले में आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, शनिवार को कोर्ट ने उन्हें प्राकृतिक रूप से मौत का तक फैसला सुना दिया है। हम काफी खुश हूं, इससे अपराधियों में खौफ होगा।

ये हैं आरोपी
- गोलू बिहारी, अमर उर्फ छोटू, राजू उर्फ राजेश और रमेश को प्राकृतिक रूप से मौत होने तक की सजा दी गई है। कोर्ट आरोपियों पर 3 और 5 हजार का जुर्माना भी ठोंका गया है।

हम फांसी चाहते थे: विक्टिम की मां

- कोर्ट के फैसले पर विक्टिम के पैरेंट्स ने कहा, "वे दोषियों के लिए फांसी चाहते थे, लेकिन इस फैसले से भी संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम दोषी जिंदा रहने तक जेल में तो रहेंगी। इससे वे फिर ऐसा गुनाह कभी नहीं कर पाएंगे।"


- पुलिस ने 17 नवंबर को चालान पेश किया गया था।
- 21 नवंबर से ट्रायल शुरू हुआ था, इसके बाद 36वें दिन फैसला आ गया।
- 376 और अन्य धाराओं के तहत उन्हें सजा सुनाई गई है।
- सुनवाई शुरू होने के 36वें दिन में फैसला सुना दिया गया।

सरकारी वकील रीना वर्मा ने कहा...
- ये फैसला मील का पत्थर साबित होगा,
- 3 और 5 हजार का जुर्माना भी आरोपियों पर लगाया गया है।
- ये फैसला बहुत जल्दी आया है। इससे समाज में एक नजीर पेश की जाएगी।

Click to listen..