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नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ४० अवार्ड विनिंग हिंदी मूवीज पहली बार एसवीएल में

नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ४० अवार्ड विनिंग हिंदी मूवीज पहली बार एसवीएल में

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2017, 02:09 PM IST
नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पो नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पो

भोपालस्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी (एसवीएल) में पहली बार 40 हिंदी फिल्मों को कलेक्शन में शामिल किया गया है। यह ऐसी हिंदी मूवीज हैं, जिन्हें अधिकांश दर्शकों ने टेलीविजन पर कम ही देखा होगा।

-ये सभी फिल्में नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन(एनएफडीसी)ने बनाई है। यह फिल्में अवार्ड विनिंग क्लासिक मूवी की केटेगरी में शामिल हैं। एसवीएल मैनेजर लक्ष्मीशरण मिश्रा बताते हैं, नई पीढ़ी को पैरलल सिनेमा और भारत में बनी बेहतरीन फिल्में घर पर देखने का मौका देने के लिए इन्हें लाइब्रेरी में लाया गया है।

एक डॉक्टर की मौत
रिलीज हुई थी - 1990 में
निदेशक - तपन सिन्हा
पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार
कलाकार - पंकज कपूर,शबाना आजमी एवं इरफान खान
कहानी - एक सरकारी डॉक्टर एक असाध्य बीमारी पर वर्षों रिसर्च कर उसका टीका खोज लेता है, जब इसकी खबर मीडिया में छपती है तो उसके सीनियर इसे अपना अपमान मानते हैं और उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी जाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कुछ नया करने की कोशिश करने वालों को सिस्टम कैसे परेशान करता है।

सूरज का सातवां घोड़ा
रिलीज हुई थी - 1992
निदेशक - श्याम बेनेगल
पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार
कलाकार - अमरीश पुरी,रजत कपूर, पल्लवी जोशी
कहानी - मानेक मुल्ला नाम का आदमी अपने जीवन में आईं तीन महिलाओं की कहानी सुनाता है जो समाज के अलग अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व करती हैं और तीनों वर्गों के मूल्यों और सोच में परिवर्तन को दर्शाती है।

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