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भोपाल

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Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 10:33 AM IST
एक साथ इतनी लड़कियां बीमार हुई एक साथ इतनी लड़कियां बीमार हुई

भोपाल। बीना जिले के भानगढ़ के हाईस्कूल गर्ल्स हॉस्टल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की रहने वाली करीब 100 छात्राओं में से 70 छात्राएं रविवार रात काे खाना खाते ही बीमार पड़ गई। हालत गंभीर होने पर सभी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल बीना लाया गया। यहां छात्राओं को भर्ती करने पलंग कम पड़ गई। डॉक्टर उन्हें फूड पाइजनिंग की बात कही जा रही है। फूड प्वाइजनिंग के बाद एसडीएम ने हॉस्टल को सील करा दिया। खाने की जांच की जाएगी।

- इस हॉस्टल का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी छात्राओं द्वारा कई शिकायतें की गई। लेकिन अधिकारियों ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।

अस्पताल में कम पड़े पलंग, मची चीख-पुकार

छात्राएं कई गाड़ियों से अस्पताल लाई गई। सभी दर्द से चिल्ला रही थी। कुछ छात्राओं को बेहोशी की हालत में लाया गया। हालात अस्पताल में पलंग कम पड़ गए और ड्यूटीरत एक डाॅ. सक्सेना भी परेशान होते रहे। एसडीएम डीपी द्विवेदी ने प्राइवेट डाॅ. पीडी साहू सहित अस्पताल के डाॅक्टर व नर्स स्टाफ को बुलाया और छात्राओं का इलाज शुरू कराया।

बदबू कर रही सोया बड़ी बांट दी

- अस्पताल में भर्ती छात्रा नेहा बैरागी, नेहा सौर, प्रियंका लोधी, दीपा पाटकर, राधा अहिरवार, रानी यादव, ज्योति यादव, सुमन अहिरवार ने बताया कि रात के समय खाना बांटने वाले ठेकेदार ने खाने में साेयाबीन बड़ी की सब्जी और रोटी दी थी। उनमें सड़ांध आने पर सभी ने खाने से मना कर दिया। फिर रसोइया गुड्‌डी सेन, क्रांती अहिरवार, द्रोपती कुर्मी ने पराठे बनाए। पराठे खाए ही थे कि उल्टी, पेट दर्द, सिर दर्द आदि होने लगा। कई छात्राएं तो बेहोश हो गई।

108 एंबुलेंस से ले गए छात्राओं को

- यह देख चौकीदार सीताराम कुर्मी ने 108 वाहन आदि को सूचना देकर बुलाया और वे अस्पताल आई। चौकीदार कुर्मी ने बताया कि हाॅस्टल में वे ड्यूटी कर रहे थे, तभी छात्राओं के दर्द से चिल्लाने की अावाज सुनाई दी। उन्होंने देखा तो सभी की हालत गंभीर थी। देर रात छात्राओं के अस्पताल आने का सिलसिला जारी था।

एसडीएम ने छात्रावास कराया सील, खाने के लिए सैंपल
- एसडीएम द्विवेदी ने भानगढ़ थाना प्रभारी को हाॅस्टल को सील करने के निर्देश दिए। विभाग के अधिकारियों को भेजकर खाने के सैंपल लेने को कहा। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी। हॉस्टल से संबंधित अधिकारियों व वार्डन, ठेकेदार सभी पर कार्रवाई की जाएगी। खाने की लैब भेजकर जांच कराई जाएगी।

हॉस्टल में नहीं रुकी वार्डन और दूषित खाने की शिकायत
- छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल वार्डन मिंज 15 दिन में एकाध बार ही हॉस्टल में रुकती है। रविवार को वे घर बीना में थी। हॉस्टल में प्राथमिक इलाज के लिए भी कोई सुविधा नहीं थी। समय लगने पर सबकी तबीयत बिगड़ती गई। बाल संरक्षण आयोग के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा आए थे। उनसे सभी छात्राओं ने खाना खराब मिलने की शिकायत की थी।

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