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एंबुलेंस नहीं मिली तो २०० मीटर तक ठेले पर लाद कर गए डेड बॉडी

एंबुलेंस नहीं मिली तो २०० मीटर तक ठेले पर लाद कर गए डेड बॉडी

Danik Bhaskar

Dec 16, 2017, 08:39 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया अक्सर चर्चा में रहता है। इस बार इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए लाई गई डेड बॉडी को अस्पताल में नहीं घुसने दिया, जिससे परिजन बॉडी को ठेले पर लादकर 200 मीटर तक लेकर गए। जबकि उन्होंने अस्पताल गेट के गार्डों से मिन्नतें कीं, लेकिन उन्होंने एंबुलेंस को अस्पताल के अंदर जाने से साफ रोक दिया। एक ही नहीं करीब 7 डेड बॉडी ऐसे ही ठेले पर धकेलते हुए अंदर ले जाना पड़ा।


ये है मामला
- राजधानी का हमीदिया अस्पताल। शनिवार सुबह 10.30 बजे रहे हैं। मेन एंट्री गेट पर बैरियर लगा दिया गया है। यहां पर चार गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। यह गार्ड हमीदिया परिसर में ऑटो और प्राइवेट एंबुलेंस को जाने से रोक रहे हैं। दोपहर 11.30 बजे फंदा निवासी गोवर्धन की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया।
- एक घंटे बाद 12.30 बॉडी का पोस्टमार्टम के बाद मर्चुरी से बाहर आई। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस संचालक को बुलाया गया। जब एंबुलेंस चालक ने गाड़ी चालू कर हमीदिया परिसर में एंट्री करने के लिए गाड़ी बढ़ाई तो बैरियर पर तैनात गार्डों ने एंबुलेंस के प्रवेश पर रोक लगा दी।
- गार्ड ने एंबुलेंस के ड्राइवरों से कहा कि गाड़ी हमीदिया परिसर में नहीं जाएगी यदि बॉडी ले जाना है तो उसको यहां पर लाओ। इसके बाद उसे लेकर घर जाओ। इस बात पर एंबुलेंस के ड्राइवर और गार्ड के बीच विवाद हो गया। बहसबाजी के बाद भी गार्डों ने एंबुलेंस को हमीदिया अस्पताल में प्रवेश नहीं दिया।
- इसके चलते गोवर्धन की डेडबॉडी को मर्चुरी से स्ट्रेचर पर रखकर लाया गया। परिजनों ने करीब 200 मीटर तक स्ट्रेचर पर रखकर डेडबॉडी को लेकर हमीदिया अस्पताल के मेनगेट तक पहुंचे। इसके बाद बॉडी को एंबुलेंस में रखकर रवाना किया गया। गोवर्धन के परिजनों का अकेला यह उदाहरण नहीं है। करीब 7 से ज्यादा लोगों को डेडबॉडी को स्ट्रेचर पर धकेलते हुए मेनगेट तक ले जाना पड़ा।

मेडिकोलीगल डॉयरेक्टर की डीन से गुजारिश
मेडिकोलीगल डायरेक्टर डॉ अशोक शर्मा के पास कुछ परिजन पहुंचे कि डेडबॉडी को एंबुलेंस तक ले जाने में दिक्कत हो रही है। अस्पताल प्रबंधन ने मेनगेट पर जो गार्ड तैनात किए हैं वो एंबुलेंस को अंदर नहीं आने दे रहे हैं।
- लोग स्ट्रेचर पर बॉडी को रखकर मेनगेट तक धकेला कर ले जा रहे हैं। इस पर उन्होंने डीन डॉ एमसी सोनगरा से फोन कर कहा कि लोग परेशान हो रहे हैं। डीन ने एचएलएल कंपनी के ऑफिसर से बात कर तत्काल व्यवस्था में बदलाव करने के लिए कहा।

- डीन ने कहा कि बिना पूछे ऐसी व्यवस्था क्यों लागू की गई कि एंबुलेंस को मर्चुरी तक आने से रोका जा रहा है। डीन के फोन के बाद सफाई और सुरक्षा व्यवस्था काम देख रही कंपनी एचएलएल के अफसरों ने व्यवस्था में बदलाव करा दिया।

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