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शहीदों के पार्थिव शरीर उनके गृहजनपद पहुंचे, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार

शहीदों के पार्थिव शरीर उनके गृहजनपद पहुंचे, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 05:15 PM IST
छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले

भोपाल/मुरैना/भिंड. सुकमा हमले में शहीद होने वाले मध्य प्रदेश के दो जांबाजों का बुधवार को उनके गांवों में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल सिंह आर्य के अलावा हजारों लोग मौजूद थे। सुकमा हमले में शहीद हुए दोनों सैनिकों के परिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक दिन पहले ही एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। अंतिम संस्कार के समय शहीदों की अंतिम विदाई में हर आंख नम थी।

-हेलीपैड पर दोनों शहीदों के पार्थिव देह पहुंचने के पहले ही सीआरपीएफ के आईजी, डीएम और एसपी सहित अनेक अधिकारी हैलीपेड पर मौजूद रहे। शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उनकी देह को घरों के लिए रवाना कर दिया गया।

-सुकमा में नक्सली हमले में 9 जवान शहीद हुए थे. इसमें मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रहने वाले सीआरपीएफ के एएसआई रामकृष्णा सिंह तोमर और भिंड जिले में कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह भी शहीद हो गए। भिंड के एसएएफ ग्राउंड पर पहुंच कर सीआरपीएफ के आईजी, डीआईजी, कमांडेंट, भिंड कलेक्टर, भिंड एसपी, मुरैना कलेक्टर, मुरैना एएसपी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं और लोगों ने पहुंचकर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किए। शहीदों को शस्त्र झुका कर सलामी दी गई। इसके बाद सड़क मार्ग से दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके निवास पर ले जाया गया।

अंतिम यात्रा पर लगे जयकारे के नारे
-भिंड जिले के शहीद जितेंद्र सिंह की अंतिम यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के नारे लगाए गए। शमशान घाट पर पूरी रीति-रिवाज़ के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले जवान को बन्दूकों से सलामी भी दी गई। शहीद जितेंद्र को उनके दो साल के बेटे आशुतोष के बेटे द्वारा मुखाग्नि दी गई। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।

-वहीं, मुरैना जिले के शहीद रामकृष्ण सिंह तोमर का पार्थिव शरीर तरसमा गांव पहुंचा। शहीद रामकृष्ण सिंह तोमर के अंतिम संस्कार में पहुंचे मंत्री लाल सिंह आर्य, भिंड विधायक नरेंद्र कुशवाह, कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और लोगों ने अंतिम विदाई दी। शहीद रामकृष्ण सिंह को उनके बेटे विवेक तोमर ने मुखाग्नि दी।

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