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पूर्व मंत्री सरताज सिंह का चुनाव लड़ने से इंकार

पूर्व मंत्री सरताज सिंह का चुनाव लड़ने से इंकार

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 11:34 AM IST
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भोपाल. केंद्र और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे विधायक सरताज सिंह ने चौकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने होशंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बल्लभ भवन (मंत्रालय) में कमीशनखोरी चल रही है। वहां पर बाबू से लेकर अफसर तक कमीशनखोरी में व्यस्त हैं और ये घटना खुद उनके साथ हुई है। जब उनसे उनका मेडिकल बिल पास कराने के लिए कमीशन मांगा गया।

- एमपी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार सरताज सिंह अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान शिवराज सरकार में भी वे मंत्री थे। पिछले साल उम्र का हवाला दे उनसे मंत्रीपद से त्यागपत्र देने कहा गया। सरताज सिहं तभी से बीजेपी आला कमान से खफा चल रहे हैं।

- सरताज सिंह ने इससे पहले भी प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोला था। रविवार को उन्होंने होशंगाबाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए एक बार फिर सरकार को चेताया। सरताज सिंह ने कहा कि 4 दिन पहले वे भोपाल के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनके मेडिकल बिल की फाइल पास कराने के लिए मंत्रालय में कमीशन मांगा गया। अस्पताल से डेढ़ लाख रुपए का बिल बनाकर वल्लभ भवन भेजा तो बाबू ने मेरे पीए से कमीशन की मांग कर डाली। बाद में जब मैंने डांट लगाई, तब जाकर वह फाइल जमा की गई। मंत्रालय में यह हाल है, कमीशन का खेल बाबू से लेकर अफसर तक खेल रहे हैं।

-अपना दर्द बयां करते हुए भाजपा हाईकमान को नसीहत देते हुए यह बात पूर्व मंत्री और सिवनीमालवा विधायक सरताज सिंह ने कही।

-उन्होंने कहा वे पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन भविष्य में चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी का कार्यकर्ता बनकर कार्य करूंगा। प्रशासन जनता का कोई काम नहीं कर रहा है। पार्टी सुधर जाए नहीं तो जनता अगले चुनाव में सबक सिखा देगी।

अवसरवादी नेताओं पर तंज

-ऐसे ही हालात रहे तो 2018 के चुनावों में इमरजेंसी जैसी स्थिति बनेगी। इंदिरा गांधी तक चुनाव हार गई थीं। अब चुनाव जनता लड़ेगी नेता नहीं। हमने भाजपा में तब से काम किया है जब नेताओं की चुनाव में जमानतें जब्त हो जाती थीं।

-अब तो पार्टी के पास ज्यादा कार्यकर्ता हैं। आलम यह है कि पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पीछे की पंक्ति में खड़ा रहना पड़ रहा है। अब राजनीति से घुटन होने लगी है इसलिए केवल भाजपा के लिए काम करूंगा।

सत्ता और संगठन से नाराजगी

-अटल बिहारी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे और शिवराज कैबिनेट में कई साल अलग-अलग विभागों में मंत्री रहे सरताज सिंह ने कहा पार्टी के बड़े नेताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। आज किसान, व्यापारी, विद्यार्थी सब परेशान हैं। सरताज सिंह भाजपा के अजेय योद्धा हैं। उन्होंने लोकसभा चुनावों में अर्जुन सिंह जैसे कांग्रेस के बड़े नेता को पछाड़ा है। सिवनीमालवा में कांग्रेस के दिग्गज नेता हजारी लाल रघुवंशी के गढ़ में उन्हें हराया। अब वे भाजपा संगठन और सत्ता दोनों से ही नाखुश हैं।

अटल सरकार में बने थे स्वास्थ्य मंत्री...
मूलरूप से उज्जैन के बड़नगर में जन्में सरताज सिंह का परिवार बाद में इटारसी आ गया था। यहीं से राजनीति की शुरुआत करते हुए पहली बार इटारसी नगर परिषद के अध्यक्ष बने थे। वह 1989 से 96 तक लगातार तीन बार होशंगाबाद से सांसद बने। 1996 लोकसभा में अटल सरकार कैबिनेट की छोटी सी अवधि में स्वास्थ्य मंत्री बने। 1998 में फिर से लोकसभा चुनाव लड़े और कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह को पटकनी दी। 1999 सुंदरलाल पटवा के लिए सीट छोड़ी और चुनाव नहीं लड़े। इसके बाद 2004 में फिर से होशंगाबाद से फिर से सांसद बने।
-2008 में सिवनी-मालवा से विधानसभा लड़ा और विधायक बने और शिवराज सरकार में मंत्री बने। इसके बाद 2013 में भी इसी विधानसभा से चुनाव जीते।

क्यों कर रहे ऐसा...
-शिवराज सरकार ने 2016 में मंत्रीमंडल फेरबदल किया गया, उसमें 75 पार मंत्रियों का हवाला देकर बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को बाहर किए जाने की चर्चा चली। ऐसे में सरताज सिंह विस्तार से ठीक एक दिन पहले मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया था। तभी से नाराज चल रहे हैं।

आगे क्या...
-उन्होंने खुद घोषणा की है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बीच शिवराज सिंह से उनकी मुलाकात हुई है, सीएम ने उन्हें मनाने की कोशिश की है, लेकिन इसके बाद भी वह खुश नहीं लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम से कोई नाराजगी नहीं है और उनके सामने क्या बोलें।

सांसद और विधायक
विधायक - सिवनी मालवा से, 2008, 2013
सांसद - होशंगाबाद से, 1989, 1991, 1996, 1998, 2004

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