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चॉकलेट देकर गोद में बिठाते हैं, फिर दुष्कर्म करते हैं, ये जानवर नहीं, राक्षस हैं

चॉकलेट देकर गोद में बिठाते हैं, फिर दुष्कर्म करते हैं, ये जानवर नहीं, राक्षस हैं

Dainik Bhaskar

Dec 15, 2017, 11:15 AM IST
12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर् 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्

भोपाल। 12 साल की एक बेटी के साथ दुष्कर्म पर फांसी का बिल लाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुष्कर्म करने वाले इंसान तो क्या जानवर भी कहलाने लायक नहीं हैं। वे तो राक्षस, नरपिशाच हैं, जो चाॅकलेट और टॉफी देकर गोद में बिठाते हैं और फिर मान-सम्मान खत्म कर देते हैं। ऐसे लोगों को फांसी पर ही लटका देना चाहिए। ये माफी के लायक नहीं हैं।

- आत्मा फटती है, जब पता लगता है कि दुष्कर्म के 92 फीसदी मामलों में रिश्तेदार ही दोषी होता है। यह बिल लाने के लिए महिला संगठनों ने गुरुवार को भोपाल में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

मेरी पत्नी भी साथ आएंगी अभियान में

- मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह इंदौर में अभियान चलाया जा रहा है, वैसा अभियान प्रदेश भर में चले और राष्ट्रपति को महिलाएं अपनी राय भेजें। देश के साथ दुनिया में चर्चा हो और यह कानून सब जगह लागू किया जाए। इसमें मेरी धर्मपत्नी भी साथ हैं और जागरूकता के लिए वो भी निकलेंगी।


गुड टच, बैड टच बच्चों को पढ़ाएंगे
- शिवराज ने कहा कि तेजस्वी शौर्य दल के साथ-साथ स्व सहायता समूहों के मोहल्लों वार्ड में दल बनाए जाएंगे। जो अपराधियों की निगरानी करेंगी। पुलिस प्रशासन को सूचना देंगी। स्कूल-कॉलेज में उन्हें आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें गुड टच बैड टच के बारे में पाठ्यक्रम में बताया जाएगा।


देंगे पद्मावती पुरस्कार
- महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाली महिलाओं को राज्य सरकार च्राष्ट्र माता पद्मावती अवार्डज् दिया जाएगा। इसकी पुरस्कार राशि 1 लाख रुपए होगी। इसके नियम मापदंड तय करने का काम महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया है।

भोपाल की तीन महिलाएं थीं मंच पर
- प्रदेश से अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं 25 महिलाओं को सीएम के साथ मंच पर आमंत्रित किया गया। इनमें भोपाल से सिर्फ तीन थीं। इनमें बेसहारा बच्चियों के पुनर्वास में सक्रिय अपूर्वा शर्मा, पूनम श्रोती और माधुरी मिश्रा शामिल थीं।

सब्सिडी की घोषणा
उन्होंने कहा कि पोषण आहार और स्कूल ड्रेस बनाने वाली स्व सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी देने की तैयारी है। पोषण आहार सिर्फ तीन-चार फैक्ट्रियां सप्लाई नहीं करेंगी, बल्कि स्व सहायता समूह मिलकर फैक्ट्री लगाएंगे और सरकार उनकी मदद करेगी।

महिलाओं के हक में ये भी कहा...
- इंदौर की तर्ज पर प्रदेशभर में चले अभियान, जागरूकता के लिए निकलें महिलाएं युवतियां, मेरी पत्नी भी निकलेंगी।
- दुष्कर्म पर फांसी का बिल लाने के लिए महिला संगठनों ने किया अभिनंदन तो सीएम बोले-नरपिशाचों को फांसी देनी ही होगी।
- आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर फिर ऐसा बड़ा कार्यक्रम हो और इसमें महिलाएं बताएं कि सशक्तिकरण क्या होता है?
- बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। मानवाधिकार मनुष्य के लिए होते हैं, राक्षसों के लिए नहीं।
- हॉस्टल, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान में सीसीटीवी से निगरानी होगी। बसों में जीपीएस और सीसीटीवी के साथ महिला कंडक्टर होंगी।

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