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शिवराज के इस मंत्री के बंगले पर आ धमकी भिंड पुलिस, गार्ड से पूछे ये सवाल

शिवराज के इस मंत्री के बंगले पर आ धमकी भिंड पुलिस, गार्ड से पूछे ये सवाल

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 02:45 PM IST
मंत्री लाल सिंह आर्य के बंगले मंत्री लाल सिंह आर्य के बंगले

भोपाल।छह दिन से गिरफ्तारी वारंट लेकर घूम रही पुलिस ने मंगलवार को जीएडी मंत्री लालसिंह आर्य के सरकारी आवास पर छापा मारा। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही मंत्री आवास से जा चुके थे। आवास और वहां बने ऑफिस में ताला लगा था। पुलिस ने वहां मौजूद सिपाही को गिरफ्तारी वारंट की प्रति सौंपकर पंचनामा बना लिया। करीब आधे घंटे तक पुलिस तलाशी की कवायद करती रही। आर्य पूर्व विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में आरोपी हैं। छह बार कोर्ट में पेश होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। मंत्री के करीबियों के मुताबिक लालसिंह भोपाल में ही कहीं छिपे हैं। इस बीच जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी आर्य के समर्थन में गए। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिश्रा से जब आर्य के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आर्य नंदकुमार सिंह चौहान के साथ हैं।


गार्ड ने कहा, 4 दिन से नहींं आए मंत्री जी
भिंड पुलिस ने मंत्री के आवास पर सुरक्षा गार्ड से सवाल किए। मंत्री लाल सिंह आर्य कबसे नहीं हैं बंगले पर। इस पर गार्ड ने जवाब दिया, 4 दिन से नहीं आये है मंत्री। पुलिस की विशेष टीम ने स्टाफ को लेकर भी सवाल किए। इस पर गार्ड ने कहा, 4 दिन से ही मंत्री के स्टाफ कर्मचारी भी नहीं आए हैं।


मंत्री आर्य के बंगले पर बनाया पंचनामा
भिंड पुलिस ने मंत्री के बंगले में ही पंचनामा बनाया। उन्होंने लिखा मंत्री बंगले पर भी नही है मौजूद। इसके बाद गार्ड के हस्ताक्षर लिए। 19 दिसम्बर तक लाल सिंह आर्य को कोर्ट में पेश होना है।

5 दिसंबर को जारी हुआ गैर जमानती वारंट
वर्ष 2009 में भिण्ड जिले के गोहद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की हत्या के मामले में अदालत ने पांच दिसंबर को आर्य के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. वर्तमान में आर्य फरार हैं।


विधायक की हत्या में शामिल होने का आरोप
इस मामले में जाटव के साथियों ने आर्य पर हत्या करने वालों में शामिल होने का आरोप लगा, मगर पुलिस ने आर्य को आरोपी नहीं बनाया था। जाटव के परिजनों ने आर्य को आरोपी बनाने के लिए भिंड के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत में आवेदन दिया था, जिस पर पहली बार 19 मई को न्यायाधीश ने आर्य को आरोपी बनाते हुए वारंट जारी किया था।