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भोपाल

भोपाल

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 01:31 PM IST
इससे 600 करोड़ की माचागोरा डैम प इससे 600 करोड़ की माचागोरा डैम प

भोपाल। छिंदवाड़ा जिले में कोयले के परिवहन के लिए पेंच नदी के बीच में अवैध कच्ची सड़क बनाकर पानी का बहाव रोक दिया गया है। कांट्रेक्टर ने अपने थोड़े से फायदे के लिए 600 करोड़ के प्रस्तावित माचागोरा बांध को संकट में ला दिया है। नदी के बीच में कच्ची सड़क बना देने से पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है इसका सीधा असर बांध परियोजना पर पड़ने की स्थिति बन गई है।
-यह खुलासा तब हुआ जब सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामला दायर हुआ। गलत तथ्यों पर नदी में कच्ची सड़क बनाकर नदी के प्राकृतिक बहाव को रोकने और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर एनजीटी ने भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और वेस्टर्न कोल फील्ड सहित कुल ग्यारह लोगों को नोटिस थमा दिया है। आगामी 13 फरवरी को होने वाली सुनवाई में एनजीटी ने सभी प्रतिवादियों से जवाब के साथ उपस्थित होने को कहा है।

-याचिकाकर्ता इरफान खान के वकील संभव सोगानी के अनुसार डंप साइट से पेंच ओपन कास्ट के बीच दो किमी की दूरी है। यह समय बचाने के लिए शाहिद इंफ्रा ग्रुप ने पेंच नदी
के बीच से कच्ची सड़क बना दी है। इससे यह दूसरी 700 मीटर कम हो गई है। लेकिन पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया है।
गलत तथ्यों पर दे दी अनुमति
-याचिका में कहा गया है कि शाहिद इंफ्रा ग्रुप को इस कच्ची सड़क बनाने के लिए वेस्टर्न कोल फील्ड के जनरल मैनेजर और सीएमडी ने छिंदवाड़ा कलेक्टर से अनुमति दिलाने में मदद की है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा बताया गया है कि इस काम के लिए एसडीएम परासिया और स्टेट वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट की ओर से एनओसी जारी की गई है। लेकिन सूचना के अधिकार में मिली जानकारी में इन दोनों विभागों ने इस तरह की किसी भी प्रकार की एनओसी जारी करने से इंकार किया है।
नदी पर बनी कच्ची सड़क से 40 किमी दूर बन रहा बांध
-नदी के बीच कच्ची सड़क बनाने से इस इलाके में नदी का कुछ हिस्सा सूख गया है। इसका सीधा असर कच्ची सड़क से करीब 40 किमी दूर सरकार द्वारा प्रस्तावित 600 करोड़ का माचागोरा डेम पर पड़ने की नौबत आ गई है। नदी के बहाव कम होने से यह प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकता है। याचिकाकर्ता के अनुसार डब्ल्यूसीएल को इस बारे में बार-बार लिखा गया लेकिन इस कच्ची सड़क को तोड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की अपील
-याचिका में माइंस एंड मिनरल डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट 1957, वॉटर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट 1974, एयर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट 1981 और एन्वायर्नमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के उल्लंघन को लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई है।
इन्हें थमाया नोटिस
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार, मिनिस्ट्री ऑफ कोल, चीफ कंजर्वेशन ऑफ फॉरेस्ट भोपाल, सीपीसीबी, एमपीपीसीबी, एसडीएम परासिया, स्टेट वॉटर रिसोर्स डेवलपमेंट, छिंदवाड़ा कलेक्टर, शाहिद इंफ्रा ग्रुप, जनरल मैनेजर डब्ल्यूसीएल छिंदवाड़ा और सीएमडी डब्ल्यूसीएल नागपुर को नोटिस जारी कर दिया है।