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मर्च्यूरी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पड़ा रहा शव

मर्च्यूरी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पड़ा रहा शव

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2017, 01:36 PM IST
कीचन में टांके लगाता वृद्ध स्व कीचन में टांके लगाता वृद्ध स्व

भोपाल। एक दिन पहले सोमवार को जहां एक महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद बिना टांके लगाए परिजनों को सौंप दिया था। वहीं, दूसरे दिन भी मंगलवार को एक और मृतक के पीएम में सिरोंज सिविल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई।

-मंगलवार की दोपहर में पीएम कराने के लिए लाया एक युवक का शव करीब ढाई घंटे तक मर्च्यूरी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पड़ा रहा। काफी इंतजार के बाद स्वीपर के आने पर खुद परिजन ही डेड बाडी को उठाकर मर्च्यूरी रूम तक तक लेकर गए।

पहला मामला...

मुगलसराय थाने के गांव झंडवा में मंगलवार सुबह 35 वर्षीय भूरा साहू ने फांसी लगा ली थी। दोपहर करीब 1.30 बजे परिजन पुलिस के साथ पीएम के लिए मृतक के शव को लेकर सिरोंज अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर विवेक अग्रवाल को मामले की सूचना दी गई। सूचना देने के बावजूद पुलिस और परिजनों को मृतक के पीएम के लिए ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मृतक का शव ट्रैक्टर-टाली पर खुले में रखा रहा। मृतक के छोटे भाई राजू साहू ने बताया कि अस्पताल से कोई भी देखने नहीं आया। शाम 4 बजे स्वीपर ने आकर परिजनों से शव को पोस्टमार्टम कक्ष के भीतर रखने को कहा। मृतक के भाईयों और एक ग्रामीणों ने शव को मर्च्यूरी कक्ष में रखा। सूचना मिलने पर शाम चार बजे विधायक प्रतिनिधि रजी खान मौके पर पहुंचे। विधायक प्रतिनिधि ने नाराजगी जताई और सीएमएचओ बीएल आर्य को सूचना दी। इसके कुछ ही देर बाद विवेक अग्रवाल पीएम करने पहुंचे।

परिजन बोले पीएम में देरी से अंधेरे में करना पड़ेगा अंतिम संस्कार
मृतक के बड़े भाई गोपाल साहू ने बताया कि हम दोपहर में 12 बजे करीब झंडवा से निकले थे तथा अस्पताल में डेढ़ बजे आए। पौने पांच बजे करीब सिरोंज से रवाना हो रहे है। गांव 35 किमी दूर स्थित है। वहां तक पहुंचने में छह बज जाएगा। अंतिम संस्कार अंधेरे में ही करना पड़ेगा।

स्वीपर देरी से आया
अस्पताल में एक ही अस्थाई स्वीपर है। जब बाडी आई तब वह नहीं था। जैसे ही वह आया पीएम की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।- डॉ. विवेक अग्रवाल, प्रभारी बीएमओ शासकीय चिकित्सालय सिरोंज।

दूसरा मामला...बिना टांके लगाए दे दिया था शव
सोमवार को यहां रहने वाले शिवशंकर शर्मा की पत्नी नीता (32) की मौत करंट लगने से हो गई थी। अस्पताल ने पोस्टमार्टम के बाद शव बिना टांके लगाए परिजनों को सौंप दिया। अंतिम यात्रा से पहले परिजनों को इसका पता चला। परिजनों ने हंगामा किया तो अस्पताल से एक स्वीपर उनके घर भेजा गया। उसने किचन में बैठकर शव पर टांके लगाए। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

शव तो हिलता-डुलता है, हो सकता है टांके खुल गए हों
पीएमके बाद शव सिल कर दिया था। हो सकता है कि टांके खुल गए हो। क्योंकि शव हिलता-डुलता है। जानकारी होने पर शव में टांके लगाने के लिए स्वीपर को गांव भेज दिया है। 3 नर्सों को नोटिस दिया है। -विवेक अग्रवाल,बीएमओ

युवक ने सुई में धागा डालकर स्वीपर को दिया
परिजनों के मुताबिक वृद्ध स्वीपर कल्लू गांव पहुंचा था। उसकी नजर इतनी कमजोर थी कि वह सुई में धागा भी नहीं डाल पाया। तब गांव के युवक ने धागा डाला और इसके बाद घर में रखे शव में टांके लगाए।

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कीचन में टांके लगाता वृद्ध स्वकीचन में टांके लगाता वृद्ध स्व
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