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दिव्यांगों ने शुरू किया जल सत्याग्रह

दिव्यांगों ने शुरू किया जल सत्याग्रह

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 12:51 PM IST
दिव्यांगों की मांग है कि उन्हे दिव्यांगों की मांग है कि उन्हे

भोपाल। सरकार की उपेक्षा से नाराज दिव्यांगों ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दृष्टिहीन युवा 8 दिनों से कड़ाके की ठंड में अपनी मांगों पर डटे युवाओं की जब नहीं सुनी गई तो वह नीलम पार्क के सामने तालाब में घुस गए और जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। ये दृष्टहीन युवा रोजगार देने और अपने हकों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

- दिव्यांगों ने धमकी दी है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम जल में समाधि ले लेंगे। इससे घबराए प्रशासन ने मोटरवोट के माध्यम से रेस्क्यू करके फिलहाल दिव्यांगों को बाहर निकालने में जुटा हुआ है।

- उनसे मिलने पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग भी उन्हें मना नहीं सके। वह केवल आश्वासन देते रहे कि सरकार आपके के साथ है और हम मांगों पर विचार करेंगे।

- वहीं, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने कहा कि मैं और पूरी युवा कांग्रेस उनके हक की लड़ाई में उनके साथ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हैं कि तत्काल इन लोगों कि मांगें मानें।

केवल आश्वासन मिल रहे
- दिव्यांग युवाओं का कहना है कि पिछले कई सालों से अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। सरकार हमारी बातों को नहीं सुन रही हैं। आज भी सरकारी संस्थान में पढ़ने वाले
दिव्यांग छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में दिव्यांगों की हालत खराब होती जा रही है। दिव्यांग युवाओं का कहना है कि हर बर आश्वासन ही मिलता
आया है लेकिन इस बार वे सरकार से अपनी मांगे पूरी करवा कर रहेंगे।


विवि में नहीं है छात्रावास
- दृष्टिहीन छात्र हरीश का कहना है कि प्रदेश के कई विवि में छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास नहीं है। इसकी मांग पहले से भी दिव्यांग करते रहे है। लेकिन सरकार इस पर भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है।

यह है दृष्टिहीन युवाओं की मुख्य मांगें-
1-. उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का सह शब्द पालन किया जाए।
2. दृष्टिहीन दिव्यांगों सीधी भर्ती प्रदेश स्तर से किया जाए।
3. पूर्व मे की अवैध भर्ती की फिर जांच कि जाए।
4. विशेष विद्यालय में रिक्त पदों पर भर्ती करें।
5. विशेष विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य किया जाए।
6. दृष्टिहीन छात्राओं के लिए शासकीय स्कूलों व कॉलेजाें में छात्रावास खोले जाएं।
7. दृष्टिहीन छात्रों के लिए हर संभाग में कॉलेज में हॉस्टल खोले जाएं।
8. उनका कहना है कि छात्र छात्राओं के लिए शासकीय छात्रावास खोले जाएं।
9. प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार दृष्टिबाधित अनुसार भत्ता दिया जाएं।
10. दृष्टिहीन को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह की जाए।