भोपाल

--Advertisement--

दर्दनाक : डंपर ने कुचला, एक बॉडी डंपर के नीचे तो दूसरी १०० मीटर दूर मिली

दर्दनाक : डंपर ने कुचला, एक बॉडी डंपर के नीचे तो दूसरी १०० मीटर दूर मिली

Danik Bhaskar

Jan 05, 2018, 11:21 AM IST
एक डेडबॉडी डंपर के नीचे मिली। एक डेडबॉडी डंपर के नीचे मिली।

भोपाल। बैतूल जिले में क्रिकेट की कोचिंग लेने के लिए बाइक पर लिफ्ट लेकर बगडोना रहे घोड़ाडोंगरी के दो छात्रों की पांढरा के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। डंपर ने दोनों क्रिकेट खिलाड़ियों को कुचल डाला। हादसा इतना दर्दनाक था कि एक प्लेयर की लाश क्षत-विक्षत होकर 100 फीट दूर छिटक गई। जबकि दूसरे की डेड बॉडी डंपर के नीचे ही पड़ी मिली। 20 मिनट खड़ा रहा, मदद के लिए कोई नहीं रुका

- स्टेट हाईवे पर पांढरा के पास पीला डंपर खड़ा था। एक बालक डंपर के नीचे लहूलुहान पड़ा था दूसरे का क्षत विक्षत शव सड़क के किनारे था। लोग आ-जा रहे थे, लेकिन कोई नहीं रुका। मोबाइल में फोटो खींचकर लोग चले गए। मैं बैंक के काम से बगोड़ा गया था। लौटते समय देखा। 20 मिनट तक चौपहिया वाहनों को रोकने की कोशिश की, लेकिन फायदा नहीं मिला। फिर डायल-100 और एंबुलेंस 108 को फोन लगाया। घोड़ाडोंगरी के होने के कारण वहां भी लोगों को फोन पर बताया। (जैसा प्रत्यक्षदर्शी शिक्षक आशीष यादव ने भास्कर को बताया)

 

ऐसे हुआ हादसा...
घोड़ाडोंगरी निवासी राकेश अरोरा का 18 वर्षीय पुत्र मनन और अखिलेश नामदेव का 13 वर्षीय पुत्र यश क्रिकेट की कोचिंग लेने के लिए बगडोना अकादमी रहे थे।

- उनके बाकी दोस्त टैक्सी से बगडोना गए, लेकिन वे बाइक से लिफ्ट लेकर आने का कहकर रुक गए। उन्होंने यहां से एक बाइक चालक से लिफ्ट ली।

- पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार पांढरा में रानीपुर थाने के बोर्ड के पास उनकी बाइक स्लिप हो गई।

- स्लिप होते ही बाइक सवार तो दूर फिका गया, लेकिन डंपर मनन और यश पर चढ़ गया। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

- आशंका जताई जा रही है लिफ्ट देने वाला बाइक सवार फरार हो गया। घटना के बाद डंपर चालक और क्लीनर फरार हो गए। ट्रक जब्त कर शवों का पीएम कर परिजनों को सौंप दिया।

- घोड़ाडोंगरी में 500 से ज्यादा लोग पहुंच गए। हंगामे को देखते हुए सारनी, रानीपुर और चोपना पुलिस को यहां तैनात किया।

 

इकलौता था मनन, गाने सुनने का शौकीन था
घोड़ाडोंगरी के भवानी चौक पर रहने वाले कपड़ा व्यापारी राकेश अरोरा का पुत्र मनन पीएलएस स्कूल में पढ़ता था। घर का इकलौता चिराग था। मनन मोबाइल में गाने सुनने का शौकीन था। हादसा हुआ तब भी मनन ने कानों में इयरफोन लगा रखा था। परिजनों ने बताया वह पढ़ने में काफी होशियार था। रोज की तरह अकादमी जाते समय हादसा हुआ। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

Click to listen..