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भोपाल

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Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 10:34 AM IST
पत्नी अमृता के साथ दिग्विजय सि पत्नी अमृता के साथ दिग्विजय सि

भोपाल। तीन महीने पहले 29 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा पर निकले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अब नर्मदा के उत्तर तट पर मप्र की सीमा में प्रवेश कर गई है। मप्र पहुंचने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री के परिचित साधु ने उन्हें नंगे पैर नर्मदा परिक्रमा की सलाह दी है। परिक्रमा के दौरान गुजरात से गुजर रहे पूर्व सीएम ने स्वामी तृप्तानंद से मुलाकात के उद्देश्य से फोन पर बात की तो तब उन्होंने यह सलाह दी। उन्होंने दिग्विजय सिंह को संकेत दिए कि नंगे पैर यात्रा के अद्भुत परिणाम मिलेंगे।

-पूर्व मुख्यमंत्री ने नर्मदा परिक्रमा के दौरान स्वामी तृप्तानंद महाराज से फोन पर बात की। वे उनके दर्शन करना चाहते थे। फोन पर दिग्विजय सिंह ने बताया कि हम उत्तर तट पर आ गए हैं और पूछा कि आप कहां पर विराज रहे हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि वे गुजरात के सौराष्ट्र में अमरेली जिले में हैं। नर्मदा तट पर नहीं हैं।

-इसके बाद उन्होंने दिग्विजय सिंह से कहा कि -"नर्मदा की परिक्रमा में खाली पैर चलने का चिरपोषित रिवाज है। अब आपने इतना कर लिया है तो थोड़ा और सही। ऐसा करने से आपके पैरों में कोई तकलीफ नहीं होगी। बहुत सारा लाभ है उसके अंदर। एक्यूपंक्चर होगा। एक्युप्रेशर होगा।'

-उन्होंने आगे कहा कि, जो बड़े लोग कर देते हैं वह आने वाली पीढ़ियों के लिए परंपराओं का नजीर बन जाती है इसलिए भी नंगे पैर परिक्रमा करना उचित है।

-स्वामी ने कहा कि पादुका पहनकर चलेंगे तो नर्मदा परिक्रमा का सरलीकरण हो जाएगा। जिन चीजों का सरलीकरण होता है उनमें सांस्कृतिक प्रदूषण आया है।

-स्वामी ने बताया कि जो परिक्रमा शेष रह गई है वो बिना जूते-चप्पल पहनें करें। आप जहां हो, जूते वहीं छोड़ कर चल दें। संकोचवश दिग्विजय इस सलाह पर इतना ही कहा पाए कि -हम कर पाएंगे क्या?


इसके बाद राज की बात
-इसके बाद स्वामी ने मनोरंजक अंदाज में कुछ और बातें बताईं जिन्हें सुनकर दिग्विजय सिंह हंस दिए। स्वामी ने कहा कि, पादुकाएं त्याग देंगे और कांटा चुभा तो महारानी कांटा निकालेंगी ना। हंसते हुए उन्होंने कहा कि यह वाक्या बहुत वायरल भी होगा।

-इसके बाद उन्होंने कहा कि, इससे बहुत सी चीजों का फायदा होगा इसका खुलासा हम नहीं करना चाहते। बहुत सा अध्याय बाकी है। इस पर दिग्विजय ने कहा प्रयास करते हैं।


राजा के सामने कहने का साहस नहीं
-स्वामी ने कहा कि आपके साथ जितने लोग हैं वे उपकृत हैं। राजा लोगों से अच्छी बात कहने में भी संगी साथी भयवश कह नहीं पाते। वो जिम्मेदारी हमें पूरी करनी पड़ी।


-बता दें कि, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता राय के साथ 29 सितंबर को नरसिंहपुर जिले के बरमान खुर्द रेतघाट से नर्मदा पूजन के बाद गौधूलि बेला में नर्मदा परिक्रमा शुरू की है।