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दादाजी से लेकर हाउस वाइफ तक हुईं परेशान, स्कूल जाना पड़ा बच्चों को लेने

दादाजी से लेकर हाउस वाइफ तक हुईं परेशान, स्कूल जाना पड़ा बच्चों को लेने

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 07:28 PM IST
बस कंडक्टरों हड़ताल को लेकर रह बस कंडक्टरों हड़ताल को लेकर रह

भोपाल। स्कूल बस, वैन के ड्राइवर-कंडक्टरों की हड़ताल के पहले ही दिन शहर के विभिन्न इलाकों के हालात खासे बिगड़े नजर आए। सुबह से ही पेरेंट्स, बच्चों को विभिन्न स्कूलों में बाइक, कार आदि से छोड़ते दिखाई दिए। इतना ही नहीं दादाजी से लेकर हाउस वाइफ तक को इस कार्य में जुटे हुए देखा गया। वाहनों की रेलमपेल के कारण हर स्कूल के आसपास जाम के हालात सुबह से ही बने। सुबह शुरू हुई हड़ताल सरकार के आश्वासनों के बाद शाम तक खत्म हो गई।
-ड्राइवर-कंडक्टरों ने मप्र वाहन चालक-परिचालक सेवा समिति के तत्वावधान में बुधवार को अपनी हड़ताल शुरू की।

-किसी भी स्कूल में आवागमन करने वाले वाहनों के ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।

-चरित्र सत्यापन में आ रही समस्या सहित आधा दर्जन मांगों को लेकर ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर रहे।

-इसी का खामियाजा आम अभिभावकों को सुबह से ही उठाना पड़ा। कुछ अभिभावकों को तो अपनी नौकरी, मीटिंग, बिजनस सहित अन्य कार्य छोड़कर स्कूलों के दो बार चक्कर लगाने पड़े। -इधर, कैंपियन स्कूल पर समिति के अध्यक्ष शिव कुमार सोनी से मिलने स्कूल-कॉलेज नर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सुनील दुबे पहुंचे और आगे की रणनीति पर बातचीत भी हुई।

कोलार से लेकर कई हिस्सों में लगा जाम...
-उधर, कोलार स्थित कुछ मिशनरी स्कूलों में बच्चों को कारों से छोड़ने गए अभिभावकों के कारण जाम के हालात बनते देखे गए। अधिकतर अभिभावक गेहूं खेड़ी तक चार पहिया वाहनों से गए, इस वजह से सड़क के एक तरफ लाइनें लग गईं और जाम के हालात बन गए। ऐसे ही हालात शहर के कई हिस्सों में बने और लोग परेशान हुए।