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भोपाल

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Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 12:33 PM IST

भोपाल। राजधानी की पुलिस के नए मुखिया का नया फरमान। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने 'शक्ति' स्क्वाड का गठन होगा। नया स्क्वाड गर्ल्स हॉस्टल, स्कूल-कॉलेज के आसपास घूमेगा। नए मुखियाजी की पहल अच्छी है,लेकिन यह भी जान लीजिए कि इसी तरह का पहले भी एक स्क्वाड 'निर्भया' नाम से करीब चार साल पहले गठित हुआ था। तब पुलिस ने बढ़-चढ़कर दावे किए थे। बाद में महिलाओं एवं युवतियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार वृद्धि से भोपाल पुलिस का बड़बोलापन मजाक ही बना।

-हुजूर ये कोई तोहमत या इल्जाम नहीं। एक सच है। अब ये भी जान लीजिए कि महिलाओं का पीछा करने और फोन पर अश्लील बातें करने जैसे मामलों में भी भोपाल बदनाम है। इसका उदाहरण पीड़ित महिलाओं द्वारा मदद के लिए राज्य स्तरीय महिला हेल्प लाइन (1090) पर दर्ज कराई शिकायतों से मिलता है।

-तीन साल पहले शुरू की गई इस सेवा में दर्ज सूचनाओं के मुताबिक भोपाल में महिलाओं को सबसे अधिक तंग किया जाता है। गत नवंबर भोपाल पुलिस स्कूल-कॉलेजों समेत हॉस्टलों में करीब 94 हजार लड़कियों से रूबरू हुई तो छेड़छाड़ की शिकायतें उसे सबसे ज्यादा मिलीं, लेकिन हुआ क्या? कुछ नहीं।

-हुजूर, छेड़छाड़ का विषय अत्यंत संवेदनशील है। इस मामले में पुराने अनुभव से सबक लेते हुए ऐसे कदम उठाए जाने चाहिए कि कोई बदमाश किसी भी महिला और युवती के साथ अभद्रता न कर सके।
खैर, 'निर्भया' अपनी कार्यप्रणाली के कारण शुरुआत में काफी सुर्खियों में रही, लेकिन गुजरते वक्त के साथ ये स्क्वाड गुम हो गया। अब फिर से पुराने विचार को नए ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पहले और नए स्क्वाड में अंतर संख्या बल का है। पहले चार सदस्यीय स्क्वाड था। अब 'शक्ति' आठ सदस्यीय होगी। पहले 'निर्भया' स्क्वाड की कोई पहचान नहीं थी, लेकिन अब लाल अक्षरों से महिला पुलिसकर्मी की ड्रेस पर 'शक्ति' लिखा रहेगा।

-बड़ा सवाल यह है कि इसका भी हश्र निर्भया जैसा न हो जाए। नए मुखियाजी को 'शक्ति' स्क्वाड में मैरिट के आधार पर महिला पुलिसकर्मी के चयन का मशविरा भी है।

-साथ ही उसका व्यवहार शिष्ट और भाषा संयमित हो। ताकि कोई भी युवती बगैर भय के बात कर सके। इसके टेलीफोन नंबर भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

-'शक्ति' स्क्वाड को अपनी संपूर्ण शक्ति के साथ काम करने का अधिकार भी मिलना चाहिए तभी ये बेहतर परिणाम दे सकेगा। इसे स्पॉट पर पुलिसिया कार्रवाई करने की शक्ति सौंपी जाएगी तो बदमाशों में दहशत भी कायम होगी।