Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Government Hospitals Has Once Again Embarrassed The State

बेटे की मौत का शोक मना रहा था परिवार, इसी बीच आई चौंकाने वाली गुड NEWS

सरकारी अस्पतालों के बदहाल सिस्टम ने एक बार फिर प्रदेश को शर्मसार कर दिया है, जिंदा को बता दिया मृत।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Mar 07, 2018, 11:51 AM IST

      छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश). सरकारी अस्पतालों के बदहाल सिस्टम ने एक बार फिर प्रदेश को शर्मसार कर दिया। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भारद्वाज परिवार जवान बेटे हिमांशु को मृत घोषित कर शव मॉर्च्युरी में रखवा दिया। परिवार बेटे की मौत का शोक मना रहा था, इसी दौरान अस्पताल से ही चौंकाने वाली खबर आई। 'हिमांशु की सांसें चल रही थीं।' अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मी की सूझबूझ से यह पता चला। उसने शरीर में हलचल देखी तो तुरंत डॉक्टर को बताया और हिमांशु को वार्ड ले गया। बाद में परिजन उसे लेकर नागपुर के श्योरटेक अस्पताल पहुंचे। वहां इलाज चल रहा है।


      ब्रेन डेड और गंभीर स्थिति बताकर नागपुर से लौटाया


      -नागपुर के न्यूरॉन अस्पताल में उपचार के बाद डॉक्टरों ने हिमांशु के परिजनों को यह कहकर वापस लौटा दिया कि हिमांशु की हालत काफी खराब है। वह ब्रेन डेड है। सोमवार सुबह करीब 4 बजे परिजन हिमांशु को जिला अस्पताल ले आए। यहां ड्यूटी डॉक्टर दिनेश ठाकुर ने चेकअप कर उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह 4:15 बजे हिमांशु को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया।


      सुबह पल्स व सांसें नहीं चल रही थी


      -सुबह परिजन हिमांशु को लेकर पहुंचे थे। गाड़ी में ही उसकी जांच की गई तब पल्स और सांसें नहीं चल रही थी। इसके बाद उसे डेड घोषित कर मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया था।

      - डॉ. दिनेश ठाकुर, ड्यूटी डॉक्टर


      इस स्थिति को कहते हैं ट्रांजिशनल
      -ब्रेन डेड की स्थिति में ऐसी कंडीशन बनती है। इसे ट्रांजिशनल कहा जाता है। इसमें हार्ट और पल्स काम करना बंद कर देते हैं। और फिर से शूर हो सकते हैं। ब्रेन डेड होने पर शरीर के अन्य हिस्सों से ब्रेन का संपर्क टूट जाता है। यह ट्रांजियनल की स्थिति लग रही है।

      -डॉ. सीएस गेडाम, प्रभारी सिविल सर्जन


      पीएम से ठीक पहले कर्मचारी की सूझबूझ से लौटी परिवार की उम्मीद
      -गर्दन पर नजर पड़ी तो देखा नब्ज चल रही है, हिमांशु का पोस्टमॉर्टम होना था। मैं उसके कपड़े उतार रहा था। तभी उसकी गर्दन पर नजर गई। पल्स चल रही थी। मैंने तुरंत उसे मॉर्च्युरी से बाहर निकलवाया और डॉ. निर्णय पांडे को जानकारी दी। उसे तत्काल वार्ड में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद परिजन उसे नागपुर ले गए।

      - जैसा कर्मचारी संजू सारवान ने बताया


      सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था हिमांशु
      -30 साल का हिमांशु रविवार दोपहर मुआरी हिंगलाज के पास स्कार्पियो पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। वाहन में सवार उसकी पत्नी रानी, बेटी वीरू, बहन रिमझिम व एक अन्य रिश्तेदार को मामूली चोटें आई। परिजन उसे नागपुर ले गए। वहां डॉक्टरों ने ब्रेन डेड बताकर वापस भेज दिया था। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां ड्यूटी डॉक्टर ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर मॉर्च्युरी में रखवा दिया था।

      दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
      Web Title: bete ki maut ka shok mnaa raha thaa parivaar, isi bich aaee chaunkane vaali gaud NEWS
      (News in Hindi from Dainik Bhaskar)

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0

        कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
        Allow पर क्लिक करें।

        ×