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बंदूक तानने वाले सिपाही को मेंटल हॉस्पिटल जबलपुर भेजा

बंदूक तानने वाले सिपाही को मेंटल हॉस्पिटल जबलपुर भेजा

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 12:25 PM IST
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मं कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मं

भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद कमलनाथ पर बन्दूक तानने वाले सिपाही को मानसिक चिकित्सालय जबलपुर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सिपाही मानसिक रुप से अस्वस्थ है। इस मामले में डीआईजी जीके पाठक ने सिपाही से पूछताछ की है, जिसमें सामने आया है कि सिपाही मानसिक रुप से अस्वस्थ है, इसलिए डीआईजी ने उसे जांच के लिए जबलपुर भेजा है।


- बता दे कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक रत्नेश पवार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद ही सुरक्षा में चूक को लेकर एसपी द्वारा आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस मामले पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस मामले में आज शनिवार को कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता छिंदवाड़ा एसपी को ज्ञापन सौंपेंगे।


- जानकारी के अनुसार अपने 4 दिवसीय दौर के बाद दिल्ली लौट रहे सांसद कमलनाथ पर शुक्रवार शाम को इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर आए। इसी दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात आरक्षक रत्नेश पवार ने उन पर दो बार रायफल तान दी। घटना के बाद आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सांसद की सुरक्षा में इस चूक की जानकारी मिलते ही एसपी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरक्षक को निलंबित करने के साथ ही इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

- इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय 30 से 40 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। इस घटना से उस समय हड़कंप मच गया था। कांग्रेस ने इस चूक को लेकर हमले की साजिश की आशंका जताई है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।


पहले भी दो बार निलंबित हो चुका है आरक्षक
आरक्षक रत्नेश पवार को पहले भी दो बार निलंबित किया जा चुका है। हालांकि इस तरह की हरकत पहली बार सामने आई है। वर्ष 2010 और 2012 में बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के कारण उसे निलंबित किया गया था।


जवान ने बंदूक तानने की बात नकारी
आरक्षक रत्नेश पवार को निलंबित कर दिया है। पूछताछ में आरक्षक बंदूक तानने की बात को नकार रहा है। जांच के बाद गार्ड इंचार्ज पर भी कार्रवाई होगी। गार्ड इंचार्ज ही तय करता है कि किस सिपाही को कहां खड़ा होना है। जांच के आदेश, प्रभारी एसपी नीरज सोनी इसकी जांच कर रहे हैं। - डॉ जीके पाठक, डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज