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  • He used to be a BDA employee, trap, Rs 64 lakh from these people
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भोपाल

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Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:46 PM IST

भोपाल। भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की जमीन खरीदने जा रहे हैं तो जांच परख जरूर कर लें। क्राइम ब्रांच के हाथ एक शातिर गिरोह के तीन सदस्य लगे हैं, जो बीडीए का कर्मचारी बनकर बिल्डर और ट्रेवल्स संचालक से 64 लाख रुपए हड़प चुके हैं। बाकायदा लॉटरी से ड्रॉ निकालकर ये जालसाज ग्राहकों को रसीद देते थे और प्लॉट का मुआयना भी करवाते थे। इसके लिए बीसीए और बीकॉम पास जालसाजों ने बीडीए की फर्जी सील और मोनो भी इस्तेमाल करते थे। पुलिस बीडीए कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी कर रही है।
-करीब 15 दिन पहले मिले एक आवेदन के बाद क्राइम ब्रांच ने इस गड़बड़ी की जांच शुरू की थी। पता चला था कि मिसरोद, आईएसबीटी और विद्या नगर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों को प्लॉट के फर्जी आवंटन किए जा रहे हैं।

-ये शिकायत वर्मा ट्रेवल्स के संचालक दीपक वर्मा और बिल्डर जगदीश ठाकुर ने की थी। डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी के मुताबिक इस गड़बड़ी में छत्रसाल नगर निवासी रूपेश शिरोडे और उसके साथियों का हाथ होने के साक्ष्य सामने आए।

-इस आधार पर पुलिस ने रूपेश व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने रूपेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। फिर उसकी निशानदेही पर मिनाल रेसिडेंसी निवासी अतुल श्रीवास्तव और भिंड निवासी रवि कुमार महेश्वरी को भी गिरफ्तार किया।
बीकॉम पास है रूपेश
-पेशे से प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाला रूपेश की कपड़े की दुकान है और सार्थक एसोसिएट्स के नाम से एमपी नगर में ऑफिस संचालित करता है। बीकॉम पास रूपेश अपने बीसीए पास साथियों अतुल और रवि के साथ इस गोरखधंधे को लंबे समय से अंजाम दे रहा है। अतुल इन दिनों एक बीमा कंपनी में नौकरी करता है और रवि निजी कंपनी का कर्मचारी है। उनका चौथा आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पिपलानी पुलिस वर्ष 2012 में रूपेश को वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
जालसाजी का है पूरा सेटअप
-गड़बड़ी के लिए जालसाजों ने बाकायदा एक सेटअप तैयार कर रखा है। पुलिस ने उनके कब्जे से बीडीए की सील, प्रिंटर, कंप्यूटर, स्टांप समेत अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इन उपकरणों की मदद से आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। ग्राहक को जाल में फंसाने के बाद जालसाज कहते थे कि अफसरों से अपनी अच्छी सेटिंग है। बीडीए के प्लॉट आवंटन में मुश्किल आती है, गोपनीय तरीके से काम करवा देंगे।
शाहपुरा में होगी दूसरी एफआईआर:
-जालसाजों के पकड़े जाने की सूचना पर रानू मालवीय ने भी क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की। उसे भी जालसाजों ने बीडीए का प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगा है। क्राइम ब्रांच ने रानू की शिकायत पर अलग एफआईआर दर्ज करने के लिए शाहपुरा पुलिस को लिखा है। सूत्रों के मुताबिक एक महिला से भी आरोपियों ने 40 लाख रुपए ऐंठे हैं, जिसकी शिकायत बागसेवनिया थाने में की गई है। एएसपी रश्मि मिश्रा के मुताबिक जालसाजों द्वारा ठगे गए लोगों की संख्या और भी बढ़ेगी।