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मेरी पसंद से नहीं की गई थी शादी, पति को चर्मरोग था, इसलिए मैंने उसे मार डाला

मेरी पसंद से नहीं की गई थी शादी, पति को चर्मरोग था, इसलिए मैंने उसे मार डाला

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 05:44 PM IST
भोपाल के ईटखेड़ी में हुए मर्डर भोपाल के ईटखेड़ी में हुए मर्डर

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रेग्नेंट पत्नी ने अपने ही हाथों से पति का कत्ल कर दिया था। पत्नी ने शनिवार को बेडरूम में फरसा से शरीर और गले पर 16 बार वार करते हुए बड़ी बेरहमी से पति को मार डाला था। मंगलवार को आरोपी पत्नी ने पुलिस के सामने ये सनसनीखेज जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी ने कहा कि मेरी पसंद से शादी नहीं की गई थी, पति को चर्मरोग था, जिससे मुझे चिढ़ होती थी। मैं उसे बिलकुल पसंद नहीं करती थी। इसलिए उसे मार डाला।

-मामला राजधानी के खजूरी सड़क थाना इलाके का है। यहां के ईटखेड़ी छाप में रहने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम) के कर्मचारी 25 वर्षीय नीरज मेवाड़ा की डेड बॉडी उसके ही बेडरूम में खून से लथपथ मिली थी। नीरज की पत्नी नीतू मेवाड़ा ने ही पति की हत्या की थी, इस दौरान उसने पति पर फरसा से 16 वार किए थे। चर्मरोग के कारण वह पति को पसंद नहीं करती थी। 5 महीने की गर्भवती से हकीकत उगलवाने में खजूरी सड़क पुलिस को 48 घंटे लग गए। नीतू और नीरज के लिए पहली मंजिल पर विशेष कमरा बनाया गया था। नीतू ने वहीं हत्याकांड को अंजाम दिया और फिर सुबह निचले मंजिल पर आकर परिजनों के साथ ऐसे घुलमिल गई थी, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो।

पति पसंद नहीं था, चरित्र पर शक भी करता था
-"मुझे नीरज पहले दिन से ही पसंद नहीं था। उसे चर्मरोग था। वे मेरे चरित्र पर भी शक करता था और मारपीट भी करता था। शनिवार को भी उससे इसी बात को लेकर बहस हुई थी। शाम को ही फरसा नीरज के पलंग के नीचे छिपा दिया था। रात में खाने के बाद हम दोनों अपने कमरे में गए। उसे नींद नहीं आ रही थी और मुझे उसके सोने का इंतजार था। इसलिए पलंग के पास बैठकर उनसे सुबह चार बजे तक बात करती रही।"

-उसने आगे कहा, "जैसे ही नीरज को नींद लगी, मैंने फरसा निकाल लिया। कमरे की लाइट बंद थी, लेकिन दरवाजे का पट थोड़ा खुला होने के कारण बाहर की रोशनी आ रही थी। फरसे से मैंने उनके गले पर वार करने शुरू किए, लेकिन बाद में पता चला कि उस वक्त उनका हाथ गले पर था। इसलिए शुरू के चार-पांच वार हाथ पर लगे। हाथ जैसे ही गले से हटा मैंने ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। तब तक मारा, जब तक चीख बंद नहीं हो गई।" (जैसा कि नीतू ने पुलिस को बताया)
पुलिस को बताईं 4 कहानियां
-पति का शव देखने के बाद भी नीतू के चेहरे पर न शिकन थी और न ही उसकी आंखें नम हुईं। उसने पुलिस को खूब गुमराह किया। एक बार कहा-मेरे कमरे का दरवाजा खुला था, तभी नीरज के दोस्त अंदर घुस आए। मुझे पलंग पर गिरा दिया और नीरज पर हमला कर दिया। उसने तीन और कहानियां भी पुलिस को बताईं, लेकिन सभी झूठी निकलीं।

परिजनों ने जताया था शक

-परिजनों ने भी उसकी भूमिका संदिग्ध बताई थी। नीतू अपनी शादी से खुश नहीं थी। शादी के कुछ समय बाद वह बगैर बताए मायके भी चली गई थी। पति की मौत होने के साथ प्रेग्नेंट होने की वजह से पुलिस भी नीतू से सख्ती से पूछताछ नहीं कर रही थी। पुष्टि होने पर नीतू से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

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