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हवा की दिशा उत्तर-पूर्व होने से १० घटकर ६.५० पर आया पारा, फसलों पर जमी ओस

हवा की दिशा उत्तर-पूर्व होने से १० घटकर ६.५० पर आया पारा, फसलों पर जमी ओस

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 02:47 PM IST
हवाओं के रुख बदलने से पाला पड़ हवाओं के रुख बदलने से पाला पड़

भोपाल। रायसेन जिले में सर्दी के सर्द के इस सीजन में पहली बार बर्फ जमी। यहां पर सब्जी के खेतों और बगीचे में पौधे पर पानी की बूंदें जम गई। असल में, हवा की दिशा बदलने से मौसम की स्थिति भी बदल गई। पूर्व से चलने वाली हवा के चलते तापमान में बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन जैसे ही हवा उत्तर-पूर्व से चलना शुरू हुई तो तापमान में गिरावट शुरू हो गई। रविवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री घटकर 6.5 डिग्री दर्ज हुआ है। सोमवार को तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि ग्वालियर, रीवा और सागर रीजन में आने वाले दिनों में पाला पड़ने की संभावना है।

-इससे कई जगह खेतों की फसलों पर बर्फ जम गई। बर्फ जमने से किसान पाला पड़ने की आशंका जता रहे हैं।

-किसानों का कहना है कि फसलों पर एक बार बर्फ जमने के बाद पाले का असर एक सप्ताह बाद दिखाई देता है।

-कृषि विभाग के मुताबिक जिले में इस बार 1 लाख 80 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं और एक लाख 40 हजार रुपए हेक्टेयर रकबे में चने की बोवनी की गई है।

-इसी के साथ मसूर, तेवड़ा की भी बोवनी की गई है। तापमान में आई गिरावट से सब्जियों के साथ ही इन फसलों पर भी पाले का संकट बना हुआ है।

-रबी की फसल सहित सब्जियों की फसलों को पाले से बचाने के लिए 1 फीसदी सल्फ्यूरिक अम्ल का छिड़काव किसानों को कराना चाहिए।

बगीचे की हर फसल पर जमी बर्फ

शहर के वार्ड नंबर एक स्थित नरापुरा मोहल्ले के पास राकेश कुशवाह ने एक बड़ा सब्जी का बागीचा लगा रखा है। इस बगीचे में बैंगन,धनिया,मूली सहित अन्य सब्जियां लगी हुई हैं। इनमें सभी सब्जियों पर बर्फ जम गई और बैंगन की फसल तो पाले से खराब भी होना शुरू हो गई। पौधों के पत्ते सूखने लगे हैं।

पाला पड़ गया है

रायसेन में ओस की बूंदों का जमने की घटना पहली बार है। इसे पाला पड़ना कहते हैं। शनिवार को 7.5 था, जबकि रविवार को 6.5 डिग्री हो गया। सोमवार का न्यूनतम तापमान 4.6 दर्ज किया गया है। ये गिरावट अभी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। रायसेन में ओस की बूंदें जमना, पाला पड़ने का संकेत है। इससे रवि की फसल को नुकसान भी हो सकता है। इसके साथ ही रीवा, सागर, ग्वालियर क्षेत्र में पाला पड़ेगा। - एसके नायक, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, भोपाल केंद्र

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