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भोपाल

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Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 10:50 AM IST
पन्ना जिले में केन नदी का खूबस पन्ना जिले में केन नदी का खूबस

भोपाल। बुंदेलखंड क्षेत्र की महात्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना के दो फेज में तैयार किए गए डीपीआर को अब मिला दिया गया है। दोनों फेज को मिलाने के बाद प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 25 हजार करोड़ रुपए हो गई है। केंद्रीय भूतल एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत का 90 फीसदी केंद्र सरकार खर्च करेगी। प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य भी जल्द शुरू कराया जाएगा। वह छतरपुर में एक निजी कार्यक्रम में बुधवार को पहुंचे थे।

-नितिन गडकरी ने कहाकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मांग पर केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के दोनों फेज को मिला दिया गया है। दूसरे फेज में बेतवा नदी पर 4 छोटे बांध बनाए जाएंगे। इससे विदिशा-रायसेन जिलों के किसानों को फायदा मिलेगा। हालांकि उन्होंने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखे जाने के संबंध में कोई डेड लाइन नहीं दी है।


दो प्रदेश के इन जिलों को होगा फायदा
-केन-बेतवा प्रोजेक्ट नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं में पहला बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसके तहत मध्य प्रदेश के छत्तरपुर में केन नदी पर बांध बनेगा, जिससे छह जिलों की 6 लाख हेक्टेयर से अधिक ज़मीन को सींचा जाना है। इन छह जिलों में पन्ना, छत्तरपुर और टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में हैं। बाकी तीन जिले बांदा, महोबा और झांसी यूपी के हैं।

डूबेगा ये इलाका
-इस प्रोजेक्ट को लेकर चले आ रहे विवाद के केंद्र में पन्ना टाइगर रिज़र्व है, जिसका करीब 4000 हेक्टेयर इलाका डूब जाएगा। कुल 9000 हेक्टेयर ज़मीन डूबेगी जिसमें से करीब 5000 हेक्टेयर वन भूमि है।
दो हजार परिवार झेलेंगे विस्थापन
-जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक करीब 10 गांवों के डेढ़ हजार परिवार इससे प्रभावित होंगे। पिछले साल ईएसी ने इस परियोजना से पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए चेतावनी दी थी और कहा थी कि इसे हरी झंडी देने से पहले प्रोजेक्ट पर और अध्ययन करना चाहिए।