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भोपाल में लगेगा सबसे बड़ा डिस्प्ले सिस्टम

भोपाल में लगेगा सबसे बड़ा डिस्प्ले सिस्टम

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 06:50 PM IST
भोपाल रेलवे स्टेशन। - फाइल भोपाल रेलवे स्टेशन। - फाइल

भोपाल। हबीबगंज और भोपाल रेलवे स्टेशनों के रिजर्व व अनरिजर्व काउंटरों पर अब मल्टी पर्पज डिस्प्ले सिस्टम (एमपीडीएस) लगाए जाएंगे। इनके लगने के बाद यात्रियों को ट्रेनों के रिजर्वेशन, किराए सहित कई अन्य जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी।

-इतना ही नहीं यात्रियों को नए सिस्टम के अंतर्गत लगाए जाने वाले मल्टी कलर डिस्प्ले देखने में भी काफी आसानी हो सकेगी।

-भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विनोद तमोरी का कहना है कि इस सिस्टम को पीपीपी के आधार पर लगाया जा रहा है। इससे रेल मंडल को हर साल करीब 35 लाख रुपए की अतिरिक्त आय हो सकेगी।

कई साल पुराने हैं डिस्प्ले

-वर्तमान में भोपाल, हबीबगंज, इटारसी, बीना सहित विभिन्न श्रेणी के रेलवे स्टेशनों के रिजर्व व अनरिजर्व काउंटरों पर स्टिल डिस्प्ले बोर्ड लगे हुए हैं। इनमें से कई का कलर फीका पड़ चुका है। इस वजह से यात्रियों को इन्हें देखने में खासी समस्या होती है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए एमपीडीएस लगाए जा रहे हैं। इसके लिए रेल मंडल के कमर्शियल विभाग ने 25जनवरी तक प्राइवेट पार्टियों व फर्म से प्रस्ताव मांगे हैं। सही प्रस्ताव मिलने पर सिस्टम को फरवरी के दूसरे सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा।

भोपाल व हबीबगंज में 33 लगेंगे
-भोपाल व हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर स्थित रिजर्व व अन रिजर्व टिकट काउंटरों पर कुल ३३ डिस्प्ले सिस्टम एमपीडीएस लगाए जाएंगे। भोपाल स्टेशन की 9 रिजर्व व 8 अनरिजर्व टिकट काउंटर विंडो पर यह लगाए जाएंगे। जबकि हबीबगंज स्टेशन के 10 रिजर्व व 6 अनरिजर्व काउंटर के ऊपर एमपीडीएस लगेंगे। जबकि रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले 49 स्टेशनों पर 129 एमपीडीएस लगाए जाएंगे।
भोपाल में सबसे बड़ा साइज
-रेल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्दीकी ने बताया कि भोपाल स्टेशन की १७ विंडो पर कुल ५०.०४ वर्ग फीट के एमपीडीएस लगाए जाएंगे। वहीं, हबीबगंज की १६ विंडो पर इनका कुल साइज ४७.१० वर्ग फीट होगा। इन्हें एलसीडी व टीएफटी स्क्रीन के रूप में लगाया जाएगा।
भोपाल मंडल सबसे पहला होगा...
अधिकारियों के अनुसार पश्चिम-मध्य रेलवे का भोपाल पहला मंडल होगा, जिसके अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर एमपीडीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे जहां यात्रियों को फायदा हो सकेगा, वहीं रेल मंडल को भी राजस्व मिलेगा।