Hindi News »Madhya Pradesh News »Bhopal News» Recruitment Of Contractual Faculty In Disputes

विजिलेंस अधिकारी की क्लीयरेंस नहीं होने के कारण अटकी रजिस्ट्रार की नियुक्ति, संविदा फैकल्टी की भर्ती भी विवादों में घिरी

विजिलेंस अधिकारी की क्लीयरेंस नहीं होने के कारण अटकी रजिस्ट्रार की नियुक्ति, संविदा फैकल्टी की भर्ती भी विवादों में घिरी

Sushma Barange | Last Modified - Dec 02, 2017, 07:45 PM IST

भोपाल। मैनिट के रजिस्ट्रार की नियुक्ति अटकने के साथ ही संविदा फैकल्टी की भर्ती भी विवादों में घिर गई है। बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की चेयरमैन डॉ. गीता बाली ने चयनित उम्मीदवार के नियुक्ति के आदेश पर चीफ विजिलेंस ऑफिसर की ओर से कोई क्लीयरेंस नहीं होने से हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया है। इसी बीच बीओजी चेयरपर्सन का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रजिस्ट्रार की नियुक्ति अगले पांच से छह महीने के लिए टल गई है। इसका सीधा असर मैनिट में होने वाली टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती पर पड़ने की स्थिति बन गई है। संस्थान में नियमित भर्ती के लिए रजिस्ट्रार की सहमति जरूरी होती है।

-मैनिट में नियमित रजिस्ट्रार की नियुक्ति कुछ समय से विवादों में बनी है। पिछले महीने इस पद के लिए हुए इंटरव्यू के बाद डायरेक्टर प्रो. एनएस रघुवंशी चयनित उम्मीदवार का नाम फाइनल अप्रूवल के लिए बीओजी चेयरमैन के हस्ताक्षर कराने के लिए बेंगलुरू थे। लेकिन चेयरमैन ने इस पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। सूत्र बताते हैं कि जिनका चयन हुआ है, उनका विजिलेंस क्लीयरेंस मैनिट को नहीं मिला है। उम्मीदवार आईआईटी खड़गपुर के डिप्टी रजिस्ट्रार बताए जाते हैं। हालांकि, उनके नाम का खुलासा अभी नहीं हुआ है।

यह भी हो सकता है एक कारण
इस पूरे घटनाक्रम के बीच गत 24 नवंबर को डॉ. बाली का कार्यकाल समाप्त होना भी रजिस्ट्रार की नियुक्ति में देरी का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नए चेयरमैन की नियुक्ति के बाद ही मैनिट में अब नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति संभव हो सकेगी। इस पूरी प्रक्रिया में छह महीने तक लगने की बात कही जा रही है।


संविदा फैकल्टी की नियुक्ति का मामला भी विवादों में
इसी बीच संस्थान में सेवारत संविदा फैकल्टी की नियुक्ति का मामला भी विवादों में घिर गया है। मैनिट ने 28 नवंबर को सर्कुलर जारी कर विभिन्न विभागों में संविदा फैकल्टी की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया 8 से 10 दिसंबर के बीच होनी है। सर्कुलर में पहले मैनिट प्रबंधन ने स्पष्ट किया था कि संस्थान में जो उम्मीदवार पहले से सेवारत हैं, उनकी सेवाएं पांच सेमेस्टर से ज्यादा होने पर उनके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। लेकिन इसके ठीक दूसरे दिन 29 नवंबर को ही मैनिट ने एक संशोधित सर्कुलर जारी कर पांच सेमेस्टर से ज्यादा होने पर अपात्र माने जाने के नियम को ही हटा दिया। इसके पीछे मैनिट की नियमित फैकल्टी की ओर से दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: mainitah nahi milaa vijilens adhikari ka kliyrens, atki rjistraar ki niyukti
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Bhopal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×