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घरवालों को बंधक बनाकर पीटा, लूट ले गए १५ तोला सोना

घरवालों को बंधक बनाकर पीटा, लूट ले गए १५ तोला सोना

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 05:43 PM IST
मामले की जानकारी देते रिटायर् मामले की जानकारी देते रिटायर्

भोपाल. रविवार रात लुटेरों ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निजी सुरक्षा अफसर रहे रिटायर्ड एएसआई कृष्णा पांडे (68) के घर पर लूटपाट की। बदमाश रातीबड़ के साईं नगर स्थित पांडे के मकान की खिड़की की ग्रिल के स्क्रू खोलकर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने लाठी और लाेहे की रॉड से हमला कर पांडे को घायल करने के बाद उनकी पत्नी को बंधक बना लिया और घर से 15 तोला सोना और नकदी समेत साढ़े चार लाख का माल लूट ले गए।

बेटे-बहू का कमरा बाहर से बंद कर गए थे बदमाश

वारदात के वक्त कृष्णा के बेटे और एएसआई बहू भी घर पर थे, लेकिन बदमाशों ने उनके कमरे को बाहर से बंद कर दिया था। बदमाशों के जाते ही बुजुर्ग दंपती ने रात 3 बजे पुलिस को जानकारी दी, लेकिन आरोपियों की धरपकड़ करने के बजाए पुलिस मामला दर्ज न कराने की सलाह देती रही। काफी जद्दोजहद करने पर साढ़े आठ घंटे बाद एफआईआर दर्ज की लेकिन मामूली चोरी की धाराओं में। इस मामले में लापरवाही बरतने पर डीआईजी ने रातीबड़ टीआई अशोक गौतम को सस्पेंड कर दिया है। पांडे के बेटे ने भी पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप लगाया है।

चार बदमाश सामने खड़े थे, कहा- बुड्‌ढे, चिल्लाया तो जान से मार देंगे

कृष्णा पांडे के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे किसी ने मुझे उठाया। आंख खुली तो लोहे की रॉड और बांस के डंडे लिए नकाबपोश चार बदमाश सामने खड़े हुए थे। एक ने मेरा मुंह पकड़ लिया और बोला- बुड्‌ढे, चिल्लाया तो जान से मार देंगे। मैं घबरा गया। चाबी दे दी। कहा- आपको जो चाहिए ले जाएं, लेकिन हमें मारें मत। बदमाशाें ने चादर और लुंगी से मेरे हाथ-पैर बांध दिए। एक बदमाश बक्से को खंगालने लगा। तीन बदमाश कमरे से बाहर निकलने लगे तो मैंने उठने की कोशिश की। इस पर पास खड़े बदमाश ने मेरे सिर, कंधे, हाथ और पैर पर रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मैं गिर पड़ा। वे पत्नी रुपाली के कमरे में चले गए। करीब आधे घंटे तक बदमाश लूटपाट मचाते रहे। करीब तीन बजे मेरे रुपाली कमरे की तरफ आती दिखी। उसने बेटे के कमरे की बाहर से लगी कुंडी खोली। बदमाश भाग चुके थे। हमने पुलिस को सूचना दी लेकिन वे एफआईआर न दर्ज करवाने पर जोर देते रहे।

टीआई ने कार्रवाई नहीं की, उन्हें हटा दिया है

डीआईजी भोपाल धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि वारदात के बाद टीआई ने तत्परता से कार्रवाई नहीं की। इसमें उनकी लापरवाही है। उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी ने भी मौके का मुआयना किया है।