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एसडीओपी को निलंबित कर जांच के बाद बर्खास्त करें- कटारे

एसडीओपी को निलंबित कर जांच के बाद बर्खास्त करें- कटारे

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 07:32 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने मांग की है कि अटेर के पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) इंद्रवीर सिंह भदौरिया को निलंबित कर जांच के बाद बर्खास्त किया जाए।

- कटारे ने बुधवार को विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के सरकारी निवास पर मीडिया से चर्चा में ये बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 मई और 17 अगस्त के दो मामलों में साजिशन उनका नाम जोड़कर उन्हें फरार बताया गया। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले दिनों पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले, यदि फरार होते तो क्या उनसे मिलते।


- कांग्रेस विधायक ने कहा कि एसडीओपी के खिलाफ एक स्टिंग हुआ था, जिसमें वह रेत माफिया से कथित तौर पर रिश्वत ले रहे हैं। इसकी शिकायत उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को 55 दिन हो गए हैं। इसी एसडीओपी को चुनाव आयोग ने अटेर उपचुनाव के दौरान अनियमितताओं के चलते हटाया था, लेकिन बाद में सरकार ने उसे फिर वहीं पदस्थ कर दिया।


- उन्होंने आरोप लगाया कि उनको फंसाने के लिए मुख्यमंत्री, गृह मंत्री सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण में पुलिस ने यह षड्यंत्र किया, क्योंकि उनके स्वर्गीय पिता तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने व्यापमं मामले को सबसे पहले उठाया था। इसी कारण सरकार पुलिस के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित कर रही है।

- पत्रकार वार्ता में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की आवाज बंद कर देना चाहती है। यहां दो तरह के कानून चल रहे हैं, एक भाजपा समर्थकों के लिए, दूसरा कांग्रेस और आम लोगों के लिए।

- सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, यदि इस प्रवृत्ति पर अंकुश नहीं लगा तो ऐसे और भी प्रकरण आएंगे। इस मामले को कांग्रेस चुनावी मुद्दा बनाएगी।

- एसडीओपी इंद्रवीर सिंह ने श्री कटारे को फरार बताते हुए कल न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने चालान में कमी पाते हुए उसे वापस कर दिया। भिंड के पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया है कि कटारे पर मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कर फरारी में चालान पेश करने वाले एसडीओपी को सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच कर दिया है।