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एक्सीडेंट में बुरी तरह पिचक गया था बेटे का चेहरा, मां देखने के लिए तरसती रही

एक्सीडेंट में बुरी तरह पिचक गया था बेटे का चेहरा, मां देखने के लिए तरसती रही

Sushma Barange | Last Modified - Dec 15, 2017, 12:20 PM IST

भोपाल। भोपाल-इंदौर हाईवे पर गुरुवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे सोंडा खोकरी जोड़ के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो चचेरे भाइयों सहित तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। पांचों लड़के भोपाल से डोडी नाश्ता करने जा रहे थे। तभी सीहोर हाइवे स्थित सोंडा खोकरी जोड़ पर एक ट्रक को ओवरटेक करते वक्त ये हादसा हो गया। दोनों भाई अपने दोस्तों के साथ पोहा खाने एक रेस्टोरेंट पर जाने का कहकर घर से निकले थे।


-भोपाल-इंदौर हाई-वे पर सीहोर से 15 किमी दूर सोंडा खोकरी जोड़ के पास गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दो ट्रक को ओवर टेक करने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो चचेरे भाइयों समेत तीन की मौके पर ही मौत हो गई। कार चला रहा युवक और सामने बैठा युवक सेफ्टी एयर बैग खुलने से बच गए। हादसे में कोलार रोड निवासी कुणाल अग्रवाल (23), यश अरोरा (17) और हर्ष अरोरा (18) की मौके पर ही मौत हो गई। यश और हर्ष चचेरे भाई थे। कुणाल का छोटा भाई कुशाग्र (17) और मौसेरा भाई कार्तिक वसान्य (26) घायल हैं। दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है।


नाश्ता करने का कहकर गए थे दोनों भाई

-कोलार के सी-सेक्टर निवासी राजेश अरोरा और कमल अरोरा चचेरे भाई हैं। उनका स्टूडियो का बिजनेस है। राजेश अरोरा का बेटा हर्ष उनके बिजनेस में हाथ बंटाता था। जबकि कमल अरोरा का बेटा यश होलीक्रॉस स्कूल कोलार में 12वीं का छात्र था। गुरुवार को दोनों ही नाश्ता करने जाने का कहकर घर से निकले थे। लेकिन, दोपहर में दोनों के शव घर पहुंचे तो परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल था। दोनों की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग और स्कूल के सभी शिक्षक और बच्चे उनके घर पहुंचे गए थे।


मां ने कहा-अब कभी नहीं देख पाऊंगी बेटे को
बेटों के शव घर पहुंचते ही हर्ष और यश से परिजन लिपटकर रोने लगे। दोनों की मां बेटों को एक बार देखने की जिद कर रही थी। परिजन उन्हें अंदर ले जाने की कोशिश करते रहे, लेकिन मां बेटों को देखने के लिए चिल्लाती रही। बस इतना कहती रही, एक बार देख लेने दो। अब तो वह कभी नहीं दिखेगा।


कार्तिक के पिता की सड़क हादसे में हुई थी मौत
कार्तिक के पिता मृत्युंजय वसान्य वल्लभ भवन में अंडर सेक्रेटरी थे। उनके परिचित ने बताया कि मृत्युंजय वसान्य की कुछ साल पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वे भी उस समय कार से ही थे। कार्तिक दिल्ली में गूगल कंपनी में जॉब करता है।

एयर बैग खुलने के कारण बच गए मैं और कुशाग्र
हम लोग सुबह-सुबह भोपाल से डोडी पोहे का नाश्ता करने जा रहे थे। काफी दिनों बाद कार चलाने के कारण कार की गति बहुत अधिक थी। इसी दौरान सोंडा खोकरी जोड़ के पास दो ट्रक आगे दिखे। मुझे लगा कि मैं दोनों ट्रक के बीच से कार निकाल सकता हूं। मैंने गति बढ़ाते हुए कार को उनके बीच से निकालने का प्रयास किया। जैसे ही मैं ट्रक के पास पहुंचा तो दोनों के बीच का अंतर कम लगने लगा, जिससे मैंने कार की गति कम करने के लिए ब्रेक लगाते हुए टर्न करने का प्रयास किया, तो कार अनियंत्रित होकर पलट गई। तीन-चार पलटी खाते हुए कार सड़क किनारे उतर गई। कुछ अहसास हुआ तो हम सभी घायल थे। कुणाल और कुशाग्र के दोनों दोस्तों की मौत हो चुकी थी। मैं और कुशाग्र एयर बैग खुलने के कारण बच गए।(जैसा-घायल कार्तिक ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया)

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Web Title: pohaa khaane ghr se nikle the bhaaee, fir dost ne sunaaee donon ki maut ye kahani
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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