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खदान की मिट्टी धंसने से दब गईं थीं महिलाएं, फिर ऐसे चला रेस्क्यू

खदान की मिट्टी धंसने से दब गईं थीं महिलाएं, फिर ऐसे चला रेस्क्यू

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 04:17 PM IST
The mines were buried under the soil of the mud

भोपाल। बैतूल जिले के सारणी में सालों से बंद पड़ी खदान में कोयला खोदने गईं एक बच्ची समेत 4 की मिटटी धंसने मौत हो गई। इसमें एक 11 साल की बच्ची और तीन महिलाएं शामिल हैं। एक महिला को बचा लिया गया। वह भी दबी हुई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे फुर्ती दिखाते हुए बचा लिया।

-आसपास की मिट्टी खोदकर उसे बाहर निकाला गया। सारी बॉडी एक ही जगह दबी हुईं थीं। उन्हें निकालने के लिए जेसीबी की मदद ली गई।

-दो घंटे तक पुलिस और प्रशासन की टीमें लगी रहीं। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई मदद को आगे आ रहा था।

-घटना स्थल पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। एक महिला जान बचाने के लिए चिल्लाते-चिल्लाते बेहोश हो गई। जबकि चार अन्य की वहीं पर समाधि बन गई।
इन महिलाओं की मौत
-11 वर्षीय बच्ची तायल देशमुख, शीलू चौरसिया (45), मीना शिवपाल (32), नानीबाई पारे (35) की मौत हो गई है। जबकि संध्या डेहरिया (33) को बचा लिया गया है।
- इस बीच मिट्टी धंसी तो बच्ची समेत पांचों की दब गईं।
- चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक का सिर निकला रह गया।
- वह दर्द से कराहते हुए भी बचाव के लिए चिल्लाती रही। बाद में उसे बाहर निकाल लिया गया।
- इसी कोयले से उनका गुजारा होता है। वह खाना भी बनाती हैं और ठंड से भी बचती हैं।
- ठंड का मौसम होने के कारण रविवार को ये महिलाएं कोयला खोदने गईं थी।

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The mines were buried under the soil of the mud
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