Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» The Sisters And Daughters Of The State Are Not Safe

महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस का हंगामा, सदन से वॉक आउट

नेता प्रतिपक्ष का आरोप, प्रदेश की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं, सरकार इनके बारे में नहीं कर रही है चिंता।

Sumit Pandey | Last Modified - Mar 14, 2018, 04:50 PM IST

  • महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस का हंगामा, सदन से वॉक आउट
    +1और स्लाइड देखें
    नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने लगाया आरोप। (फाइल)

    भोपाल.मध्य प्रदेश की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं है और सरकार इनके बारे में चिंता नहीं कर रही है। इसे लेकर कांग्रेस ने विधानसभा में हंगामा कर दिया। उन्होंने इस मसले पर स्थगन प्रस्ताव लाए जाने की मांग की, इसे सत्ता पक्ष ने नहीं माना तो कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर दिया।
    -सदन में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने माना कि प्रदेश में छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके बाद विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थगन प्रस्ताव की मांग की, जिसे सत्तापक्ष ने नहीं माना तो कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर गए। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में बहन, बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। सरकार इसे लेकर कोई काम नहीं कर रही है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के साथ कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से "महिलाओं पर अत्याचार बंद करो" के नारे लगाते हुए वाॅक आउट कर दिया।

    प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चौपट

    -भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का अपनी सरकार पर हमले जारी है। गौर ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट बताया है। गौर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में 45654 शिक्षकों के पद खाली हैं । भारतीय सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश गणित में 29वें और भाषा में 26वें स्थान पर है। इसके बावजूद 41 हजार 340 शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर बनाकर चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। इस पर विपक्ष ने भी गौर का साथ दिया। इसके पहले गौर ने पोषाहार और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए थे।
    -प्रश्नकाल के दौरान गौर ने सवाल किया कि जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी, अमीन, लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता, बिजली बिल रीडर, डाकिया, सहायक नर्स या मिड वाइफ, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, संविदा शिक्षक, दोपहर का भोजन कार्यकर्ता, निगम कर संग्रह कर्मचारी और शहरी क्षेत्रों में लिपिकीय स्टाफ को बीएलओ बनाया जा सकता है तो फिर इन्हें ड्यूटी पर क्यों नहीं लगाया जाता है।

  • महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस का हंगामा, सदन से वॉक आउट
    +1और स्लाइड देखें
    पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने सरकार को घेरा। - (फाइल)
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: The Sisters And Daughters Of The State Are Not Safe
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×