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अंतिम संस्कार में उमड़ पड़ा पूरा क्षेत्र, गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई

अंतिम संस्कार में उमड़ पड़ा पूरा क्षेत्र, गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 07:54 PM IST
शहीद अरविंद को अंतिम विदाई देन शहीद अरविंद को अंतिम विदाई देन

भोपाल। अलीराजपुर में खनन माफियाओं से लड़ते-लड़ते शहीद हुए पुलिस हेड कॉन्स्टेबल की अंतिम यात्रा में पूरा क्षेत्र उमड़ पड़ा। हर एक आंखों में आंसू थे और परिवार दुखों में डूबा हुआ था। असल में, बालू लेकर जा रहे एक ट्रैक्चर चालक को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाने में लड़ते हुए शहीद हो गए। मप्र पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल अरविंद सेन को शुक्रवार को पालिका बाजार में राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की पत्नी सीमा ने डेडबॉडी को पकड़कर बिलखती पत्नी ने बेटियों से पूछा, बाबू कलेक्टर बनोगी। इस पर बेटियों ने भी कहा, हम बनेंगे और पापा का सपना पूरा करेंगे।

मुझे दो बंदूक मैं लूंगी पति की मौत का बदला
अंतिम संस्कार के पहले शहीद के घर परिवार से मिलने पहुंचे ग्वालियर आईजी आईजी अनिक कुमार से शहीद की पत्नी सीमा ने रोते हुए कहा कि, जिन कायरों ने मेरे पति को मारा है या तो आप उन्हें जिंदा मत छोड़ना या मेरे हाथों में बंदूक दे दो, मैं उन हत्यारों में से एक को भी जिंदा नहीं छोडूंगी। आईजी ने नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया। इस पर शहीद की पत्नी ने कहा कि मुझे इंदौर में ही नौकरी दिलाओ। उसी थाने में रहकर उन कायरों से पति की हत्या का बदला लूंगी।


बेटियों ने कहा, हम पूरा करेंगे पापा का सपना
शुक्रवार सुबह जैसे ही शहीद हेड कांस्टेबल का डेडबॉडी पालिका बाजार पहुंची, शहीद की मां सुमित्रा बाई बेहोश हो गई। शहीद की पत्नी सीमा भी बुरी तरह से बिलख रही थीं। वह चीख-चीखकर कह रही थी कि, उनका सपना था कि 9 साल की बेटी लक्की कलेक्टर और 7 साल की दूसरी बेटी कामना इंजीनियर बनकर पूरा करेंगी। मौजूद अधिकारियों आंखें भी नम हो गई थी। शहीद की बड़ी बेटी लक्की ने अपनी मां सीमा से कहा कि, मम्मी आप क्यों परेशान होते हो, मैं खुद अपने पिता का सपना पूरा करूंगी।

मेरे भाई की साजिश से कराई गई हत्या
शहीद हेड कॉन्स्टेबल अरविंद के भाई छोटे भाई अनिल सेन का कहना है कि मेरे भाई की हत्या साजिश के तहत कराई गई है। मेरे भाई का काम सरकारी डाक का था, लेकिन थाने से जानबूझकर उन्हें जोबट भेजा गया था। शहीद के भाई का कहना है कि मेरे भाई बोरी थाना में एचसीएम हेड कांस्टेबल मुंशी के पद पर पदस्थ थे, लेकिन फिर भी उन्हें पेट्रोलिंग पर भेजा गया।


क्या हुआ था उस शाम
दरअसल बीते बुधवार शाम को अलीराजपुर जिले के जोबट अनुविभाग के बोरी थाना में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल अरविंद पुत्र ओमप्रकाश सेन रोड पेट्रोलिंग करते हुए सरकारी डाक लेकर जोबट निकले थे। इसी दौरान रास्ते में डेकाकुंड गांव के हवेली फलिया के समीप अज्ञात 10 बदमाश रेत लेकर जा रहे सेमलपाटी निवासी दिलीप डाबर से मारपीट कर 650 रुपए व मोबाइल लूट लिए थे। बोरी की तरफ से आ रही पिकअप को भी रोक लिया गया। जीप के पीछे प्रधान आरक्षक अरविंद आ गए, जिन्हें देख आरोपियों ने ट्रैक्टर चालक को छोड़ दिया ट्रैक्टर चालक वहां से भाग गया। इसके बाद बदमाशों ने प्रधान आरक्षक की पत्थरों व लाठियों पिटकर हत्या कर डाली। अलीराजपुर में बाजार बंद रखकर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी।