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भोपाल

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Sumit Pandey | Last Modified - Dec 27, 2017, 11:16 AM IST

भोपाल। डिंडोरी जिले मेंहदवानी ब्लॉक के फलवाही गांव की महिला रेखा पंद्राम। पढ़ाई सिर्फ 10वीं पास। अपने जिले की 1500 महिलाओं के साथ लुप्त होते अनाज कोदू-कुटकी की कम पानी में खेती का ऐसा काम किया। वह इससे 30 लाख रुपए जमा कर चुकी हैं। वह अादिवासी महिलाओं के लिए आदर्श बन गईं हैं।

- स्थानीय महिलाओं की भूमिका' पर गठित आयोग के 61वें सत्र में भाग लेने के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय न्यूयार्क बुलाया गया। हाल ही में भोपाल में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में आईं रेखा पंदराम ने अपनी अमेरिका यात्रा, समूह की गतिविधियों के बारे में बताया।

- रेखा ने बताया- जीवन में एक बार ही ट्रेन में बैठी थी, फिर सीधे हवाई जहाज में बैठने का मौका मिल रहा था। बहुत घबराई थी। मार्च का महीना था गर्मी के घबराहट और बढ़ी हुई थी। जिले में कलेक्टर साहब और प्रोजेक्ट की अधिकारियों ने हिम्मत दी। कलेक्टर अमित तोमर ने फटाफट पासपोर्ट बनवा दिया।

हवाई जहाज में मंत्री पकड़े रही हाथ, तब पहुंचीं अमेरिका
-भोपाल आई तो पता चला दिल्ली भी हवाई जहाज से जाना था। पहली बार बैठी तो डर लग रहा था तब महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने अपने बाजू में बिठाया और हाथ पकड़े रहीं और बहुत सी बात की। इसके बाद 11 घंटे की उड़ान के बाद दिल्ली से अमेरिका पहुंचे।

-वहां पहुंची तो अलग ही माहौल था। डर लग रहा था क्या होगा लेकिन विभाग की कमिश्नर जयश्री किवायत, तेजस्विनी के डिप्टी प्रोग्राम डायरेक्टर अरविंद सिंह भाल ने भी काफी हिम्मत बंधाई। जहां हमें रुकना था तो लिफ्ट चलते ही जा रही थी। रुक ही नहीं रही थी। जब लिफ्ट से कमरे में आए तो पता चला कि हम बिल्डिंग की 41वीं मंजिल पर हैं। खिड़की से डरते हुए नीचे देखा तो जमीन का तो अता-पता नहीं था।

कोदो-कुटकी से कमाए 30 लाख
-रेखा ने बताया कि वे तेजस्विनी महिला स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इस काम के बारे में पता चला तो गांव-गांव में महिला समूह खड़े कर दिए। ब्लॉक की 24 ग्राम पंचायतों और 41 गांवों को जोड़कर एक महासंघ बनाया और शुरू कर दिया विलुप्त हो रही कोदो-कुटकी खेती। पहले 1500 फिर एक साल में ही 3000 महिलाअों को जोड़कर काम शुरू किया। अब एक एकड़ में दो-तीन कोदो कुटकी होता है जिससे हर महिला को चार हजार रुपए महीने तक की आय होती है। इस तरह समूह में कोदू कुटकी से 30 लाख रुपए अब तक जमा किए है।


8 मिनट तक बोलती रहीं
-17 मार्च को मुझे संयुक्त राष्ट्र में भाषण देना था। दूतावास के अफसर डरे हुए थे गांव की यह महिला कुछ बोल पाएगी कि नहीं। ऐसा न हो कि गड़बड़ हो जाए। लेकिन मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी। और बोलना शुरू किया तो फिर नहीं रुकीं। न्यूट्रीशन, पोषण वाटिका, कोदू कुटकी और तेजस्वनी के बारे में बताया। 5 मिनट का समय था लेकिन 8 मिनट तक बोलती रहीं।
-इसके बाद तो हमारे भारतीय दूतावास के अफसर इतने खुश हुए कि तुरंत कार्ड छपवाए। खाने का न्यौता दिया। मयंक जोशी और कई अफसरों ने तो अपने घर पर भी भोजन के लिए बुलाया और कई लोगों से मिलवाया।
- अब हम महिलाएं चिक्की पिछले महीने शुरू किया है। इसे सरकारी लैब में टेस्ट कराया। न्यूट्रीशन वैल्यू चैक कराई। फिर बनाना शुरू दिया। हर सप्ताह 10 क्विंटल चिक्की सप्लाई कर रही हैं। छह दिन कच्चा मटेरियल तैयार करते हैं। तीन दिन पैकिंग करते हैं।

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Web Title: flaait mein is mahila ka haath pkdee baithin rahi thin Mantri, nyuyaark mein diyaa thaa ye mntr
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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