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स्टेशन पर लावारिश मिली थीं ये बहनें, अब सात समंदर पार होगी इनकी परवरिश

विदिशा में यूरोप के माल्टा में रहने वाली दंपती ने लिया गोद, छह माह से दोनों बच्चियां सीख रहीं अंग्रेजी।

Girja Shakar Tiwari | Last Modified - Jan 08, 2018, 02:56 PM IST

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    दोनों की परवरिश माल्टा में ही होगी।

    भोपाल। ​विदिशा के रेलवे स्टेशन पर अगस्त 2015 में लावारिस मिली 5 साल की नंदनी और 6 साल की पूजा की परवरिश अब यूरोप के माल्टा देश में होगी। माल्टा में लाइफ साइंस सेंटर के एचओडी इटिनी विला एवं वहां की सरकारी फार्मासिस्ट मेरियम जैमिन ने इन दोनों बहनों को गोद लिया है। किस्मत बदली हो इन्हें यूरोपीय देश माल्टा की दंपति ने गोद ले लिया और अब सात समंदर पार दोनों बच्चियों की परवरिश होगी।

    -अभी इन दोनों बच्चियों की विदिशा के जेल रोड स्थित यशोदा एडोप्शन सेंटर में परवरिश हो रही थी।

    -यशोदा एडोप्शन सेंटर के प्रबंधक दीपक बैरागी का कहना है कि एक साथ दोनों बहनों को एक ही दंपती ने गोद लिया।

    -कोर्ट के सारी शर्तों के बाद रविवार को यह दंपती विदिशा आए और दोनों बहनों से मिले।

    अब पूजा होगी पिप्पा, नंदनी होगी नीना
    -दंपती ने कोर्ट में दोनों बेटियों के नए नाम की मांग की थी। कोर्ट के निर्णय के अनुसार पूजा का नाम पिप्पा होगा और नंदनी का नाम नीना होगा।

    - यशोदा एडोप्शन सेंटर के संचालक राम रघुवंशी ने बताया कि पिछले 6 महीने से दोनों बच्चियों को अंग्रेजी सिखाई जा रही है।

    - ताकि वहां जाकर ज्यादा परेशानी न हो। बच्चियां थोड़ा इंग्लिश समझने लगी हैं।

    लावारिश हाल में मिली थीं दोनों बहनें
    -यशोदा एडोप्शन सेंटर के संचालक राम रघुवंशी ने बताया कि अगस्त 2015 में विदिशा रेलवे स्टेशन पर इन दोनों बहनों को कोई छोड़ गया था। तब इनकी उम्र 3 और 4 साल थी। पुलिस की मदद से दोनों बहनों को सेंटर लाया गया। इसके बाद काफी सूचनाएं भेजी गईं लेकिन परिजन लेने नहीं आए।

    -अब दोनों की उम्र क्रमश: 5 और 6 साल हो गई है। दोनों बहनों को गोद लेने के लिए ऑनलाइन जानकारी दी गई थी।

    -भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड और माल्टा आदि देश में जानकारी दी गई थी। दोनों बहनों को एक साथ कोई गोद लेने को तैयार नहीं था।

    -अप्रैल 2017 में माल्टा के दंपती दोनों बहनों को गोद लेने के लिए आगे आए। इसके बाद उन्होंने आवेदन दिया और पूरी प्रक्रिया करने लगे।

    -कई तरह की प्रक्रियाएं होने के बाद रविवार को दंपती विदिशा आए। मंगलवार को दोनों बेटियों को लेकर रवाना होंगे।

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    दंपति जल्द ही उनकाे माल्टा लेकर जाएंगी।
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    माल्टा के साइंटिस्ट दंपति ने दो लावारिश बच्चियों को गोद लिया है।
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    दोनों बच्चियां छह महीने से अंग्रेजी सीख रही हैं।
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    दोनों बेटियों को देखने के लिए दंपति आए हुए हैं।
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    दोनों की परवरिश माल्टा में ही होगी।
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Web Title: These Unaccompanied Children Should Be Raised In Malta
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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