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नो योर राइट्स को जाग रुक करने ३८०० किमी का सफर तय कर रही यह गर्ल्स

नो योर राइट्स को जाग रुक करने ३८०० किमी का सफर तय कर रही यह गर्ल्स

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2018, 12:50 PM IST
सृष्टि महिलाओं को उनके हक के ल सृष्टि महिलाओं को उनके हक के ल

भोपाल। वूमन एम्पावर को समर्पित सृष्टि बख्शी कन्याकुमारी से श्रीनगर तक के लांग मार्च पर निकली हैं। वह इसे माडर्न एरा का दांडी मार्च कहती हैं। जैसे गांधाी ने अंग्रेजों के खिलाफ दांडी मार्च निकाल कर लोगों को जागरूक किया था। इस यात्रा का मोटो भी कुछ ऐसा ही है। उन्होंने इसे 'नो योर राइट्स' नाम दिया है। जिसके माध्यम से महिलाओं को उनके हक के बारे में अवेयर किया जाएगा। क्राॅसबो माइल्स की संस्थापक और कैंपेन चैंपियन सृष्टि बख्शी 260 दिनों में 3800 किमी का सफर करेंगी। यात्रा में वह वर्कशॉप करके लोगों से बातचीत कर रही हैं।

-दो दिन पहले भोपाल से गुजरीं सृष्टि ने भास्कर से खास बातचीत में कहा कि वह महिलाओं से मिलकर उनके हक और अधिकारों पर बात करती हैं। उनकी यात्रा अगस्त 2017 में शुरू हुई थी।

अब तक इन प्रदेशों में पहुंचीं...

-सृष्टि ने अभी तक तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र का सफर कर चुकी है। -जहां जाकर उन्होंने अपने अधिकारों को जानें, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता, स्वच्छता, साफ-सफाई के बारे में बताना है।

- महिलाओं को नेतृत्व जैसे विषयों पर 56 कार्यशालाओं का आयोजन करते हुए टीम ने 2,000 किमी से भी अधिक दूरी तय की है।

ये है यात्रा का मोटो...

-इस वाॅक का उद्देश्य पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने के लिए जागरूकता पैदा करना है।

-सृष्टि बख्शी यूएन के चैंपियन फाॅर चेंज 2016-17 प्रोजेक्ट से जुड़ी रही हैं। इस प्रोजेक्ट में महिलाओं और पुरुषों को अपने समुदाय में पैरोकार, बदलाव का वाहक बनने और नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

- साथ ही ये प्रोजेक्ट संपूर्ण आर्थिक क्षमता हासिल करने और सशक्त बनाने के लिए समर्पित है।

अब तक जुड़े 18 हजार लोग

-सृष्टि ने बताया कि को पिछले 118 दिनों में 18 हजार से अधिक लोगों से जुड़ने का मौका मिला है। जिनमें छात्र, शिक्षक, जिला कलेक्टर, कार्यकर्ता और राज्य पुलिस के लोग शामिल हैं। वह 20 हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुकी हैं।

लिंगभेद के लिए खिलाफ लड़ाई
-इस पहल के बारे में बात करते सृष्टि ने कहा कि यह अभियान हमारे देेश में लिंगभेद की खतरनाक स्थिति के खिलाफ एक लड़ाई है, जिसमें हमारे देश द्वारा की गई महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति के बाद भी कोई परिवर्तन नहीं आया है।

आधुनिक दांडी मार्च पर निकलीं...

- सृष्टि बक्शी ने कहा कि आधुनिक दांडी मार्च जागरूकता लाने एवं परिवर्तन की दिशा मेें बढ़ाया गया एक व्यक्तिगत कदम है, क्योंकि परिवर्तन की शुरुआत खुद से करनी होती है।

-उन्होंने बताया कि हम पदयात्रा के पूरे रास्ते में खुली बातचीत के माध्यम से लोगों को इसमें सम्मिलित कर रहे हैं।

-कुछ महत्वपूर्ण एवं तुरंत ध्यान देने योग्य बिंदुओं को जानने का प्रयास कर रहे हैं। सृष्टि ने बताया कि हम पूरे भारत के लोगों से डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से इस परिवर्तन में सहयोग करने की अपील कर रहे हैं।

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