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पहले पैरों से लिखकर पाया फर्स्ट डिवीजन, अब नौकरी पाने प्रतियोगिताओं की तैयारी

पहले पैरों से लिखकर पाया फर्स्ट डिवीजन, अब नौकरी पाने प्रतियोगिताओं की तैयारी

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 10:51 AM IST
पैरों से लिखकर ही इन्होंने हाई पैरों से लिखकर ही इन्होंने हाई

भोपाल। भगवान ने हाथ नहीं दिए तो क्या हौसला तो दिया है। जब हौसले ने हार नहीं मानी तो हाथ की जगह पैर से लिखा और एमपी बोर्ड से 10 वीं में 64 फीसदी अंक हासिल करके प्रदेश भर में दिव्यांग को कुछ कर गुजरने का संदेश दिया। अब भविष्य संवारने के लिए यह दिव्यांग लड़की दुर्गा अब प्रतियोगी परीक्षा देने की तैयारी में जुट गई है।

-जी हां दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बम्होरी माल में रहने वाली दिव्यांग दुर्गा लोधी कुछ ऐसा ही करने में जुटी है।

फिर ऐसे जागी हिम्मत

-दरअसल तारा देही के हायर सेकंडरी की स्कूल की छात्रा है। दुर्गा जब पैदा हुई तब से ही उसके हाथ नहीं हैं।

-इस कारण दुर्गा अपने जीवन में कई बार निराश भी हुई, लेकिन उसने निराशा को हावी नहीं हाेने दिया और अपने पैरों को हाथ बना डाला।

- इसके बाद पढ़ने के साथ-साथ पैर से लिखेगी भी लगी। परीक्षा पास करके प्रदेश भर में छा जाने वाली दुर्गा को वित्त मंत्री जयंत मलैया ने एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी थी।

-और तत्कालीन एसडीएम सीपी पटेल अब उसे नारायण सेवा केंद्र उदयपुर कृत्रिम अंग लगवाए थे।
सीएम ने की की सराहना
-प्रदेश भर में भाजपा की ओर से मेरे दीनदयाल सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। इसके लिए दुर्गा ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उसने स्वयं अपने पैर से लिखकर नामांकन भरा।

-इसका फोटो एक कार्यकर्ता लोचन सिंह ने युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष को भेजा। उन्होंने अपने फेसबुक एकांउट पर डाला और जानकारी लिखीे तो उसे मुख्यमंत्री ने स्वयं रीट्वीट किया।

-इसे सांसद पूनम महाजन ने भी री ट्वीट किया है। प्रदेश भर में इसको लेकर भी दुर्गा सुर्खियों में है। दुर्गा अभी आर्ट विषय से पढ़ाई कर रही है।

-उसने बताया कि उसे नौकरी करनी है, वह ऐसी नाैकरी करना चाहती है, जिसमें उसे सामान्य ज्ञान की परीक्षा देने में समस्या न जाए, इसके लिए वह निरंतर पढ़ाई कर रही है और प्रतियोगी परीक्षा में भी भाग ले रही है।