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ये हैं क्च॥ह्रक्क्ररु गैंगरेप की ्र ह्लर्श ं कहानी, विक्टिम ने बताया- कैसे और क्या हुआ था उस रात

ये हैं क्च॥ह्रक्क्ररु गैंगरेप की ्र ह्लर्श ं कहानी, विक्टिम ने बताया- कैसे और क्या हुआ था उस रात

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 10:49 AM IST

भोपाल। पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश सविता दुबे ने शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले को जघन्य अपराध मानते हुए चारों आरोपियों को नेचुरल डेथ तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। इस मौके पर dainikbhaskar.com आपको बता रहा है, घटना के दिन यानी 31 अक्टूबर को क्या हुआ और दूसरे दिन यानी 1 नवंबर को किस तरह से पीडि़त लड़की पूरे दिन अपने माता-पिता के साथ चार थानों के चक्कर लगाती रही थी।

मीडिया के सामने विक्टिम ने कहा था ये...

-गैंगरेप के लगभग चार दिन बाद मीडिया के सामने आई विक्टिम ने अपने साथ हुए अन्याय की पल-पल की जानकारी दी। लड़की ने बताया था कि वो और उसका परिवार सदमे में था, इस दौरान भी पुलिस का व्यवहार सबसे गंदा था। जीआरपी के टीआई अंकल बेहद बदतमीज थे। तीन-चार थानों के चक्कर लगाए, लेकिन पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की। एसपी रेल के बयान पर लड़की ने कहा है कि मैं उनके सामने गिड़गिड़ाती रही और वह हंसती रहीं। वो कैसी महिला हैं।


28 गवाहों के बयान हुए दर्ज
बता दें कि, इस केस के सभी चार आरोपी अभी सेंट्रल जेल में हैं। आरोपियों ने 31 अक्टूबर को विदिशा निवासी छात्रा के साथ हबीबगंज रेलवे ट्रैक के पास पुलिया के नीचे गैंगरेप और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। मामले में करीब 28 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। सरकारी वकील रीना सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत से कठोर से कड़ी सजा देने की मांग की है।


वकीलों ने केस लड़ने से किया था इनकार
-गैंगरेप के बाद से ही प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। भोपाल के छह हजार वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया था। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। जबकि, छात्रा के दोस्तों ने भोपाल को असुरक्षित बताते हुए पुलिस की निष्क्रियता को शर्मनाक कहा था।