--Advertisement--

जिस गांव तक जाने की सड़क भी नहीं, वहां का बेटा पहुंचा इंडियन टीम में

जिस गांव तक जाने की सड़क भी नहीं, वहां का बेटा पहुंचा इंडियन टीम में

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 02:32 PM IST
मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव

भोपाल। हॉकी इंडिया (एचआई) ने न्यूजीलैंड में होने वाले टूर्नामेंट के लिए जो टीम घोषित की है उसमें मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के तीन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। उनमें से एक है होशंगाबाद जिले के इटारसी के पास के गांव चांदौन का विवेक सागर प्रसाद। विवेक के इंडियन टीम में चुने जाने का पता चला तो इस छोटे से गांव में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। विवेक के परिजन और दोस्तों ने हर एक परिचित को फोन करके यह खुशखबरी दी। विवेक टीम में बतौर मिडफील्डर रहेंगे।


-आदिवासी ब्लॉक केसला के अंतर्गत आने वाले शिवनगर चांदौन गांव के हॉकी के प्रति खासी दीवानगी रही।

-उसकी लगन का परिणाम रहा कि वह पहले इंडियन जूनियर हॉकी टीम में चुने गए थे। इसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।

- अब साल की शुरुआत में ही उन्हें सीनियर टीम में चुन लिया गया। सालभर में विवेक की यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है।
-जिस गांव में विवेक रहते हैं वहां तक पक्का रास्ता भी नहीं है। भारत सरकार की हथियार बनाने वाली फैक्ट्री के रिहायशी इलाके से पगडंडीनुमा सड़क गांव तक जाती है।
-विवेक के पिता रोहित प्रसाद ब्लॉक के एक प्राइमरी स्कूल के सहायक शिक्षक हैं।
-विवेक का परिवार शीट की छत वाले छोटे से घर में रहता है।

डेढ़ महीने अशोक ध्यानचंद ने घर पर रखा

- विवेक सागर की प्रतिभा को महाराष्ट्र में स्टेट हॉकी चैंपियनशिप के दौरान हॉकी लीजेंड दादा ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद ने पहचाना। वह विवेक काे अपने साथ लेकर भोपाल आ गए। उन्होंने विवेक को डेढ़ महीने तक अपने घर में ही रखा और प्रशिक्षण देते रहे। इसके बाद उसका दाखिला मप्र हॉकी अकादमी में एडमिशन करा दिया। यहां से विवेक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इससे पहले विवेक ने काफी संघर्ष किया। दूसरों से हॉकी स्टिक उधार ली, जूते तक उधार के पैसों से खरीदने पड़े। फिर टीकमगढ़ के साई हॉस्टल में एडमिशन मिल गया।

जोहर कप में किया जूनियर टीम का नेतृत्व

-इससे पहले विवेक ने मलेशिया में आयोजित सुल्तान ऑफ जोहर कप में जूनियर हॉकी टीम का नेतृत्व किया।
-विवेक के पिता उसे इंजीनियर बनाना चाहते थे लेकिन वह हॉकी में ही भविष्य तलाश रहा था।
-आर्डनेस फैक्ट्री निवासी खिलाड़ी सोनू अहिरवार ने विवेक को हॉकी के लिए प्रेरित किया। सोनू ही उसे टीकमगढ़ साई हॉस्टल ले गया।
-इसके बाद प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद ने विवेक को अपने पास बुलवाकर मप्र अकादमी में प्रशिक्षण दिलवाया।
-जूनियर हॉकी टीम में चुने जाने के बाद विवेक घर आया तो मप्र विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने उसे सम्मानित किया।
-इटारसी के हॉकी खिलाड़ी कन्हैया गुरयानी कहते हैं विवेक ने नर्मदांचल को गौरवान्वित किया है।