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बेटे की अस्थियां लेकर जनसुनवाई में पहुंची मां, पिता और पत्नी

बेटे की अस्थियां लेकर जनसुनवाई में पहुंची मां, पिता और पत्नी

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 06:15 PM IST
माता-पिता ने अस्थियां विसर्जि माता-पिता ने अस्थियां विसर्जि

भोपाल। बेटे के कातिलों को सजा दिलाने के लिए लाचर परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पुलिस से न्याय न मिलता देख मृतक के माता-पिता और पत्नी मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे। परिजनों के अनुसार दूसरी समाज के लोग पार्वती नदी में बेटे अस्थियां विसर्जित नहीं करने दे रहे हैं। वहीं, उनका आरोप था कि पुलिस ने एफआईआर में कई आरोपियों के नाम नहीं लिखे हैं, ताकि सबूतों के अभाव में उन्हें फायदा मिल सके। मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले का है।

गोली मारकर की थी बेटे की हत्या
गुना के खेजरा चौक निवासी शहजादी पारदी (30) की 6 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक भी 5 हजार का इनामी था, लेकिन पादरियों के गुट में चल रही रंजिश के चलते उसे निशाना बनाया गया था। एक पक्ष उस पर गवाही बदलने के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन जब उसने इंकार किया तो उसकी हत्या कर दी।

मूक बधिर पिता अस्थियां लेकर पहुंचा जनसुनवाई में...
-मृतक की मां गुड्डी बाई और पत्नी पान बाई का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के पिता के एफआईआर में नाम तक गलत दर्ज किए हैं, ताकि सबूतों के अभाव में वह बच सकें। इसलिए मूक बधिर पिता अस्थियां लेकर इंसाफ के लिए भटकता हुआ मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचा और मदद मांगी।

पार्वती में विसर्जित नहीं करने दे रहे...
मृतक की मां का कहना था कि दूसरे पक्ष के लोग अब भी सक्रिय हैं। वे लोग उन्हें बेटे अस्थियां पार्वती नदी में विसर्जित नहीं करने दे रहे हैं। मृतक की राख भी मुश्किल से नदी में बहाई थी। लेकिन, अस्थियों को लेकर कहा जा रहा है कि अगर यहां विसर्जित की तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।

पत्नी और मां ने एएसआई पर आरोप...
गुड्डी बाई ने जनसुनवाई में दिए आवेदन में कहा है कि एएसआई उमेश यादव ने राम गोपाल और वनवारी पारदी से 3 लाख रुपए लिए हैं। एएसआई ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि एफआईआर से आरोपियों का नाम हटवा देगा। वहीं, इस मामले में एएसआई उमेश यादव ने इन आरोप को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि पादरियों पर कार्रवाई की जा रही हैं, इस वजह से वह आरोप लगा रहे हैं।