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नेत्रहीन जूडोका नहीं खेल पाएंगी जूडो वर्ल्ड कप, आर्थिक तंगी ने रोका रास्ता

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की दृष्टिहीन मीना उइके तुर्की के एंटालिया में होने वाले वर्ल्ड कप में भाग नहीं ले पाएंगी।

Vinod Patriya | Last Modified - Mar 09, 2018, 02:26 PM IST

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    नेशनल जूडो में गोल्ड मेडल जीत चुकी नेत्रहीन मीना उइके वर्ल्ड कप जूडो में नहीं खेल पाएंगी।

    भोपाल। आर्थिक तंगी कई बार कामयाबी के रास्ते रोक देती है। ऐसा ही कुछ हो रहा है मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की नेत्रहीन मीना उइके के साथ। मीना अप्रैल में तुर्की के एंटालिया में होने जा रहे जूडो वर्ल्ड कप में शामिल नहीं हो सकेंगी। अब मीना और उसके माता-पिता खुद ही लोगों से आर्थिक मदद की अपील कर रहे हैं।

    -दरअसल, इस स्पर्धा में शामिल होने के लिए करीब डेढ़ से दो लाख रुपए का खर्च आ रहा है। मजदूरी करने वाले उसके माता-पिता इतनी बड़ी राशि का इंतजाम नहीं कर पाए। बैतूल के झगड़िया गांव में रहने वाली मीना उइके (21) को अब तक कोई मदद नहीं मिली है। खेल विभाग ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में उसका इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाना लगभग नामुमकिन लग रहा है। इस प्रतियोगिता में वह इसलिए भी हिस्सा लेना चाहती थी क्योंकि फरवरी में उसने लखनऊ में हुई दिव्यांगों की जूडो नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। जीत से उत्साहित मीना इस क्षेत्र में नाम कमाना चाहती है।

    जन्म से ही देख सकती है मीना...
    -बचपन से दृष्टिहीन है मीनामीना बताती है कि वह बचपन से ही नेत्रहीन है. गरीबी के चलते वह सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ सकीं। जूडो में हाथ आजमाने के बाद उसे कामयाबी तो मिली लेकिन गरीबी ने उसके कदम रोक दिए।

    मीना ने बताया कि उसकी मां, पिता और भाई मजदूरी करते हैं। अब तक नहीं मिली कोई मदद दलित संगठन के कार्यकर्ता रत्ना सोनारे ने कहा कि इतनी राशि की व्यवस्था करना उसके गरीब परिवार के लिए मुमकिन नहीं है।

    -ऐसे में सरकार को आगे आकर उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल करने के बाद विधायक हेमंत खंडेलवाल ने उसे सम्मानित किया और पुरस्कार राशि भी दी थी। लेकिन तुर्की जाने के लिए उसे ज्यादा पैसों की जरूरत है।

    विधायक ने दिया सिर्फ आश्वासन...
    -बैतूल विधायक खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री से बात कर सहायता राशि दिलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। वहीं, जिला खेल अधिकारी दीप सिंह ठाकुर का कहना है कि खेल विभाग के डायरेक्टर और मंत्री से इस बारे में कोई आश्वासन नहीं मिला है।

    19 अप्रैल से शुरू होगा जूडो वर्ल्ड कप

    -तुर्की जाने के लिए इतना खर्च इंडियन ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसिएशन ने पत्र जारी कर बताया है कि यह प्रतियोगिता 19 से 25 अप्रैल तक तुर्की के एंटालिया शहर में होगी। पत्र में लिखा है कि इस प्रतियोगिता में केवल वह खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने लखनऊ में हुए नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड या सिल्वर मेडल जीता हो.स्पर्धा की एंट्री फीस 2000 रुपए है। इसके अलावा लॉजिंग के लिए 40 हजार, वीजा फीस 3 हजार और हवाई टिकट के लिए 35 हजार और किट के लिए 2 हजार रुपए लगेंगे। अगर खिलाड़ी तुर्की में 3 दिन ट्रेनिंग में भी शामिल होना चाहते हैं तो उसके लिए 2000 रुपए और देने होंगे।

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    अपनी मां के साथ मीना उइके।
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    साथी खिलाडियों के साथ मीना उइके।
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    जूडोका मीना और उनके परिजनों ने लोगों से हेल्प की अपील की।
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    अपने कोच और खिलाडियों के साथ मीना।
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Web Title: World Cup Will Not Play Blind Judokas, Financial Reasons
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