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सड़क हादसे में भोपाल के स्वास्थ्य कर्मी की मौत, इंदौर से लौट रहे थे

सड़क हादसे में भोपाल के स्वास्थ्य कर्मी की मौत, इंदौर से लौट रहे थे

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 08:09 PM IST

भोपाल। इंदौर-भोपाल मार्ग के देवास बायपास पर गुरुवार को एक्रोपोलिस कॉलेज की बस और वैन में भिड़ंत हो गई। वैन सवार भोपाल के स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हो गए। कॉलेज बस खाली थी। इस दौरान इंदौर की एसडीएम शालिनी श्रीवास्तव वहां से गुजर रही थीं, उन्होंने गाड़ी रुकवाई और साथी स्टाफ की मदद से घायलों को देवास जिला अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में लोबो की डेड बॉडी गाड़ी अंदर ही फंसी रह गई, जबकि बाहर पत्नी, बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी शशिकुमार लोबो के पिता सड़क पर बैठकर बिलख रहे थे।

गुरुवार सुबह 9.15 बजे रसलपुर और पालनगर के बीच नीतेश मुकाती के खेत के सामने हादसा हुआ। कॉलेज बस और वैन की आमने-सामने टक्कर हुई। वैन से बैरसिया रोड भोपाल के निवासी शशिकुमार लोबो भोपाल से इंदौर में अपने परिवार के साथ जा रहे थे। साथ में पिता, पत्नी और दो बच्चे भी बैठे थे। उन्हें इंदौर होते हुए उज्जैन शादी समारोह में जाना था। रसलपुर-पालनगर के पास हाईवे पर एक्रोपोलिस कॉलेज मांगलिया-इंदौर की बस ने सामने से टक्कर मार दी। इससे भोपाल के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ शशिकुमार लोबो 47 वर्ष की मौत हो गई। पिता जॉन सिल्वेस्टर 67 वर्ष, पत्नी सिलविया 45 वर्ष, बेटा एबेद 7 और बेटी "सिन 5 वर्ष घायल हो गईं।

रो रहे थे घायल, अस्पताल भिजवाया
गाड़ी चला रहे चालक शशिकुमार लोबो की मौत हो गई थी जबकि अन्य चार घायल तड़प रहे थे। इस दौरान अपने स्टाफ के साथ जा रही इंदौर एसडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने हादसा देखा तो रुक गईं। पालनगर निवासी जय पटेल, नीतेश मुकाती आदि आ गए और डायल 100 को सूचना दी। डायल 100 से गंभीर घायल शशिकुमार और उनके पिता जाॅन को अस्पताल भिजवाया। सिलविया और दोनों बच्चों को एसडीएम ने स्वयं की गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। शशि की रिश्तेदार इंदौर निवासी महक को फोन पर सूचना दी। कुछ देर में महक के मामा किशन गंधारी इंदौर से देवास पहुंच गए जिन्हें शशि की मौत की जानकारी दी।

हातोद-देपालपुर में सर्वे करने गए थे लोबो
मृतक की पत्नी सिलविया ने बताया पति भोपाल स्वास्थ्य विभाग में संविदा में कुष्ठ रोगियों का सर्वे का काम करते हैं। 16 नवंबर से उनकी ड्यूटी हातोद-देपालपुर जिला इंदौर में सर्वे के लिए लगाई गई थी। पांच दिन से वे इंदौर में थे। उज्जैन में रिश्तेदार की शादी होने से वे हमें लेने भोपाल आए हुए थे और वापस जा रहे थे। हमें इंदौर होते हुए उज्जैन छोड़ना था। शशि को 8 हजार रुपए पगार मिलती थी। उनकी माता का निधन हो चुका है। शशि घर के इकलौते बेटे थे, पिता वृद्ध हैं, अब कमाने वाला कोई पुरुष नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बस ड्राइवर फरार है।