Hindi News »Madhya Pradesh News »Bhopal News» Hearing Will Be Done In Closed Room Everyday

भोपाल गैंगरेप: गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू, हर रोज बंद कमरे में होगी सुनवाई

भोपाल गैंगरेप: गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू, हर रोज बंद कमरे में होगी सुनवाई

Sumit Pandey | Last Modified - Nov 22, 2017, 11:03 AM IST

भोपाल। पीएससी की छात्रा से राजधानी भोपाल में 31 अक्टूबर को हुए गैंगरेप के मामले में मंगलवार से गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हो गए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सविता दुबे की अदालत में बयान दर्ज हुए। इस मामले की सुनवाई रोजाना बंद कमरे में होगी। पहले दिन मामले के गवाह के रूप में छात्रा के पिता के बयान हुए। इस दौरान जेल में बंद मामले के चारों आरोपियों को पुलिस घेरे में कोर्ट में पेश किया गया।

कोर्ट ने अभियोजन को लगाई फटकार
मामले की सुनवाई के पहले ही दिन गवाहों को समय से कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं कर पाने को लेकर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को कड़ी फटकार लगाई। जज ने कहा कि, जिन लोगों को अदालत से गवाही के लिए समंस भेजा जा रहा है उन्हें आवश्यक रूप से अदालत में उपस्थित रखें। कोर्ट ने मामले में लगातार होने वाली सुनवाई के लिए गवाहों को समय से सूचित करने के लिए समय पर समंस जारी करने के लिए अभियोजन पक्ष को गंभीरता से काम करने के लिए कहा है।

- इससे पहले सोमवार को आरोपियों रमेश उर्फ राजू मेहरा, गोलू उर्फ बिहारी, अमर उर्फ गुल्टू और राजेश उर्फ चेतराम के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए। इस दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को केंद्रीय जेल से कड़ी सुरक्षा में जिला अदालत में पेश किया। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने के बाद सरकारी वकील ने ट्रॉयल प्रोग्राम पेश कर दिया।

बता दें कि महिला वकील जीनत अनवर ने इस छात्रा के साथ गैंगरेप के चार आरोपियों की पैरवी करने से मना कर दिया था। इसके बाद विधिक सहायता प्राधिकरण के हस्तक्षेप के बाद एक अन्य महिला वकील आरोपियों की पैरवी कर रही हैं।


दरअसल, भोपाल जिला अधिवक्ता संघ ने वकीलों इस मामले के चारों आरोपियों रमेश मेहरा (45 वर्ष), गोलू (25 वर्ष), अमर (24 वर्ष) और राजेश चेतराम (26 वर्ष) की पैरवी नहीं करने की अपील की थी। इस अपील के बाद वकीलों ने उनके बचाव में पैरवी करने से मना कर दिया था।

ये हुआ था 31 अक्टूबर की रात को
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर की रात कोचिंग से लौटते समय हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास छात्रा से चार बदमाशों ने रेलवे पुलिया के नीचे गैंगरेप किया था। बाद में केस दर्ज कराने के लिए पीड़िता और उसके परिजनों को 24 घंटे से अधिक समय लगा था, वह भी तब जबकि पीड़ित छात्रा के माता-पिता दोनों ही पुलिसकर्मी हैं। जबकि पीड़ित छात्रा के माता-पिता भी पुलिसकर्मी हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस थाना प्रभारी सहित पांच पुलिस अधिकारियों को अब तक निलंबित किया है।

पुलिस अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई

वहीं और तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें दो आईपीएस अधिकारी हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने 13 नवंबर को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला की पीठ सत्र न्यायाधीश को आरोप पत्र दाखिल होने के बाद प्रतिदिन सुनवाई करने के निर्देश भी दिये थे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bhopal News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: bhopaal gaaingarep: har roj band kmre mein hogai sunvaaee, gavaahon ke byaan drj hone shuru
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Bhopal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×