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पूरे दिन रेप पीडि़त बेटी को बाइक पर लिए भटकता रहा पिता

पूरे दिन रेप पीडि़त बेटी को बाइक पर लिए भटकता रहा पिता

Amitabh Bhudolia | Last Modified - Nov 06, 2017, 02:40 PM IST

भोपाल।मेरी बेटी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वैसा किसी के साथ न हो। यह कहना है विक्टिम लड़की के एएसआई पिता का। उन्होंने कहा कि नौकरी ने उनके हाथ बांध रखे हैं, वरना वह खुद फरार चौथे आरोपी को पकड़ लाते। विक्टिम के पिता रेलवे पुलिस फोर्स में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर हैं। इसके बावजूद पुलिस ने लड़की की मदद करने के बजाए, पूरे दिन चक्कर लगवाए।
- एएसआई पिता पूरे दिन रेप विक्टिम बेटी को बाइक पर बिठाकर एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगाते रहे। कभी जवाब मिलता, झूठी कहानी का, कभी कहा जाता हबीबगंज थाने का मामला है। रिपोर्ट वहीं पर लिखी जाएगी। सुबह से शाम हो गई, लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा और न ही उन्होंने कोई रहमदिली दिखाई।

- हारकर पिता बेटी को लेकर एसपी रेल अनिता मालवीय के पास पहुंचे तो उन्होंने उस बेबस लड़की की समस्या को सुनने के बाद उस पर हद दर्जे की असंवेदनशीलता दिखाते हुए हंसती रहीं। एक नवंबर को सुबह 8 बजे से पिता बेटी को लेकर घुमाता रहा और शाम को 7 बजे एफआईआर दर्ज हो सकी।

जब छलक पड़ा पिता का दर्द
घटना के बाद उस दिन बेटी बोलने की स्थिति में नहीं थी। आरपीएफ का स्टाफ उसे जानता है। बेटी ने आरपीएफ थाने में कहा कि पापा से बात करा दीजिए। मुझे फोन करके बताया गया कि बच्ची की तबीयत ठीक नहीं है। मैं तत्काल जीआरपी थाने पहुंचा, वहां बताया गया कि मामला एमपी नगर पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। अगले दिन सुबह बेटी को बाइक से लेकर एमपी नगर थाने पहुंचा तो एसआई साथ में घटनास्थल आया। उसने कहा कि एफआईआर हबीबगंज थाने में होगी।

उम्मीदों लेकर पहुंचा था एमपीनगर थाने, हुआ उल्टा
- घटना के दूसरे दिन छात्रा और उसके माता-पिता (दोनों पुलिस में ही काम करते हैं) ने आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने का मन बनाया और एमपी नगर थाने पहुंचे। वे एमपी नगर थाने में अपनी फरियाद सुनाते रहे। इस दौरान पुलिस उनके साथ घटनास्थल पर भी गई थी। घंटों गुजर जाने के बाद एमपी नगर पुलिस ने विक्टिम परिवार को हबीबगंज थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। बजे विक्टिम परिवार हबीबगंज थाने पहुंचा। हबीबगंज पुलिस ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और विक्टिम परिवार को हबीबगंज जीआरपी थाने जाने को कहा। हबीबगंज जीआरपी पुलिस ने विक्टिम के साथ हुए दुष्कर्म को फिल्मी स्टोरी बताते हुए परिवार को घर जाने के लिए कह दिया।
अचानक पहचान कर पकड़ा आरोपी
- बेटी ने बताया था कि रात को बदमाश पांच मिनट में ही दूसरे कपड़े लेकर आ गए थे। इससे अंदाज लगाया कि बदमाश आसपास की बस्ती के ही हैं। इसलिए मैंने सोचा क्यों न बस्ती से होकर चला जाए। मैं, पत्नी और बेटी बाइक से निकले तो एक स्थान पर छह-सात लोग पत्ते खेल रहे थे। मैंने गाड़ी रोकी। तभी बेटी ने एक बदमाश को पहचान लिया।
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