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गैंगरेप के आरोपियों को सरकारी खर्चे पर मिलेंगे वकील

गैंगरेप के आरोपियों को सरकारी खर्चे पर मिलेंगे वकील

Sushma Barange| Last Modified - Nov 16, 2017, 04:24 PM IST

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in bhopal dushkarma case police introduced 200 page invoice
चालान पेश करने कोर्ट जाती पुलिस।

भोपाल। पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के मामले में गुरुवार को विशेष जांच समिति ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया। लगभग 200 पेज के इस चालान में सबूत के तौर पर चारों आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट, विक्टिम के बयान, धूल में सने कपड़े और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है। जीआरपी ने मजिस्ट्रेट शालू सिरोही की कोर्ट में जीआरपी ने चालान पेश किया।

कोर्ट में चालान पेश करते समय उस वक्त एक नया मोड़ आ गया, जब बार काउंसिल ने एक सुर में  आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया। काउंसिल के इस फैसले का सभी वकीलों ने समर्थन किया है। इस पर मजिस्ट्रेट सिरोही ने दखल  देते हुए आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए विधिक सहायता की ओर से दो सरकारी वकील उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उनके आदेश पर  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दो वकील अदालत में आरोपियों के पक्ष में उपस्थित हुए। बता दें हाईकोर्ट में भोपाल गैंगरेप के मामले में सरकार को फटकार लगाते हुए केस की सुनवाई हर रोज फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के आदेश दिए थे।

क्या हुआ कोर्ट में 

भोपाल गैंगरेप मामले में गुरुवार को शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने कोर्ट में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। जीआरपी थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायिक दंडाधिकारी शालू सिरोही की अदालत में चालान पेश किया गया है। चालान में सबूत के तौर पर चारों आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट, पीड़िता के बयान, कपड़े और परिस्थितिजन्य साक्ष्य शामिल हैं। इस मामले में आरोपी रमेश उर्फ राजू मेहरा, गोलू उर्फ बिहारी, अमर उर्फ गुल्टू और राजेश उर्फ चेतराम हैं। चारों आरोपी 22 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट में पेश हुए चालान के अनुसार...
-एसआईटी ने गैंगरेप को जघन्य अपराध माना है।
-चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण, जान से मारने की कोशिश और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
-एसआईटी ने कोर्ट में एमएलसी, फोरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट पेश की है। 
-जांच टीम के अनुसार, सोमवार को सभी आरोपियों पर घटना से संबंधित अपराध तय किए जाएंगे।
-फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही जांच के अनुसार इसी महीने मामले का फैसला सुना दिया जाएगा।

 

भोपाल गैंगरेप की पुष्टि डीएनए रिपोर्ट से 

-विक्टिम चारों आरोपियों की पहचान कर चुकी है। जबकि, आरोपियों के खिलाफ डीएनए रिपोर्ट सबसे अहम सबूत है। मंगलवार को ही चारों आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट में भी गैंगरेप की पुष्टि हो चुकी है। गौरतलब है कि छात्रा के साथ 31 अक्टूबर को हबीबगंज स्टेशन के पास चार बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। छात्रा को मृत समझकर बदमाश उसे छोड़कर कर भाग गए थे। वहीं, वारदात के 24 घंटे बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

 महिला आयोग लगा चुका है फटकार

-राजधानी में हुए गैंगरेप के मामले में महिला आयोग ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि गैंगरेप को झूठा साबित करने का प्रयास किया गया है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। आयोग ने मेडिकल रिपोर्ट में हुई गड़बड़ी को देखते हुए सुल्तानिया अस्पताल की दोनों डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की अनुशंसा भी की थी।
 

in bhopal dushkarma case police introduced 200 page invoice
जांच अधिकारी ने पेश किया 200 पेज का चालान।
in bhopal dushkarma case police introduced 200 page invoice
जांच अधिकारियों ने कोर्ट में पेश किया चालान।
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