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अखबार में पढ़ी बेटी की मौत की खबर

अखबार में पढ़ी बेटी की मौत की खबर

Danik Bhaskar | Dec 01, 2017, 02:28 PM IST
मृतिका गीतिका। मृतिका गीतिका।

भोपाल। हबीबगंज रेलवे स्टेशन के चार नंबर प्लेटफार्म पर पंजाब मेल एक्सप्रेस के सामने कूद कर आत्महत्या करने वाली युवती की शुक्रवार को पहचान कर ली गई। युवती का नाम गीतिका मिश्रा है, जो कि भोपाल के चुनाभट्टी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थी। परिजनों के अनुसार बेटी मोबाइल रिचार्ज कराने का कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह घर नहीं लौटी।

पुलिस की सूचना पर पहुंचे थे थाने

-मकान नंबर-8 पारिका सोसाइटी फेस-2 चूनाभट्टी निवासी राजेंद्र नाथ मिश्रा पीडब्ल्यूडी में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर हैं। उनकी दो बेटियों में से 25 वर्षीय बड़ी बेटी गीतिका मिश्रा जर्मनी में जर्मन भाषा का कोर्स करके 3 महीने पहले ही भोपाल लौटी थी। वह भोपाल में जॉब की तलाश में थी, लेकिन जॉब नहीं मिलने के कारण मानसिक तनाव में आ गई थी। गुरुवार देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर राजेंद्र ने रात करीब साढ़े बारह बजे चूनाभट्टी थाने में गीतिका की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन उसकी तलाश करते रहे और उसने गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह हबीबगंज जीआरपी की सूचना पर थाने पहुंचकर राजेंद्र ने शव की शिनाख्त गीतिका के रूप में की।

दोपहर 3:00 बजे निकली थी घर से
गीतिका गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे घर से कार लेकर मोबाइल रिचार्ज कराने का कहकर निकली थी। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं था। रात करीब साढ़े बारह बजे तक घर नहीं पहुंचने पर राजेंद्र ने चूनाभट्टी थाने में उस की गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि गीतिका कभी-कभार देरी से घर आती थी, लेकिन 12 बजे तक घर आ जाती थी। गुरुवार देर रात तक नहीं आने का कारण वे थाने में सूचना देने गए थे।


आत्महत्या से पहले सोशल साइड से हटाए फोटो
राजेंद्र और परिजनों ने गुरुवार को गीतिका को मोबाइल पर कॉल किया था, लेकिन फोन बंद था। जीआरपी को भी मौके या आसपास कोई मोबाइल फोन नहीं मिला। फेसबुक और वाट्सएप पर से भी गीतिका ने अपने फोटो हटा दिए। जीआरपी आशंका जता रही है कि आत्महत्या के पहले गीतिका ने मोबाइल फोन कहीं फेंक दिया होगा। उसका पता लगाने के लिए पुलिस अब गीतिका की कॉल डिटेल निकलवा रही है।


तीन भाषाओं पर थी कमांड
"दोनों बेटियों को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। गीतिका ने इंजीनियरिंग करने के बाद जर्मनी जाकर जर्मन भाषा में कोर्स करने की इच्छा जताई थी। वह भी मैंने करवाया। उसकी हिंदी, इंग्लिश और जर्मन तीनों भाषाओं पर जबरदस्त पकड़ थी।


चल रहा था डिप्रेशन का इलाज

जीआरपी थाने के एएसआई आरएल धुर्वे ने बताया कि युवती जॉब नहीं मिलने से डिप्रेशन में चल रही थी। उसका जवाहर चौक स्थित मनोचिकित्सक डॉ. रूमा भट्टाचार्य के पास इलाज भी चल रहा था।