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भोपाल गैंगरेप: मेडिकल जांच रिपोर्ट में लापरवाही पड़ी महंगी, डॉक्टर बर्खास्त

भोपाल गैंगरेप: मेडिकल जांच रिपोर्ट में लापरवाही पड़ी महंगी, डॉक्टर बर्खास्त

Sumit Pandey| Last Modified - Nov 26, 2017, 04:50 PM IST

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Medical exam reports disproportionate cost, doctors dismissed
गैंगरेप पीडि़ता।

भोपाल। हबीबगंज स्टेशन के पास हुए गैंगरेप के मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने सुल्तानिया की डॉक्टर संयोगिता सेहलम को बर्खास्त कर दिया है। जबकि डॉक्टर खुशबू गजभिए को सस्पेंड किए जाने की समय सीमा को छह महीने आगे बढ़ा दिया गया है। साथ ही सहायक प्राध्यापक डॉ. सुरभि पोरवाल की विभागीय जांच शुरू कर दी है। ये कार्रवाई पीड़िता की गलत रिपोर्ट देने के मामले में की गई है। जीएमसी के डीन डॉ. सोनगरा का कहना है कि डॉ. संयोगिता से मामले में जवाब मांगा गया था।


-उसने बयान में बताया था कि उन्होंने एमएलसी रिपोर्ट की रफ कॉपी देखी थी। उसमें कोई गलती नहीं थी, जबकि पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट की मूल प्रति उन्हें दिखाई ही नहीं गई। डॉ. सोनगरा ने कहा कि यदि समय रहते डॉक्टर सही तरीके से काम करतीं तो विभाग की छवि खराब नहीं होती।
 

 

-पूरे मामले में विभागीय जांच की गाज भी एक अन्य डॉक्टर पर गिरी है। डॉ. सुरभि पोरवाल पर मामले को लेकर विभागीय जांच बैठाई गई है। छात्रा की मेडिकल जांच सुल्तानिया अस्पताल में की गई थी। पीड़िता की पहली मेडिकल रिपोर्ट में इसे डॉक्टरों ने आपसी सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध करार दिया था। इस मामले के सामने आने पर उठे विवाद के बाद अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट में सुधार किया। उसके बाद महिला आयोग ने मामला संज्ञान में लेते हुए उन्हें बेंच में बुलाया गया था।

बता दें कि राजधानी में कोचिंग से घर लौटते समय 19 वर्षीय छात्रा के साथ 31 अक्टूबर को  गैंगरेप हुआ था। इस मामले में शुरू से ही लापरवाही दिखी। पहले पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की जगह पीड़िता और उसके परिजनों को एक थाने से दूसरे थाने दौड़ाया। बाद में जब पीड़िता के परिवार ने दो आरोपियों को पुलिस के सामने पेश किया, उसके बाद जाकर मामला दर्ज हुआ।

 

 

-चौथा आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त से 6 दिन तक फरार रहा। बाद में उसे एसआईटी ने गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद भोपाल के आईजी योगेश चौधरी को हटा दिया गया था। इसके अलावा एक डिप्टी एसपी को भी हटाया गया। वहीं तीन थाना प्रभारी और दो उप निरीक्षकों को निलंबित किया गया था। 


 
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आरोपी को कोर्ट में पेश करती पुलिस।
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पुलिस की गिरफ्त में दो आरोपी।
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