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होमवर्क नहीं करने पर स्कूल संचालक ने छात्र को पीटा, हो सकती है ५ साल की सजा

होमवर्क नहीं करने पर स्कूल संचालक ने छात्र को पीटा, हो सकती है ५ साल की सजा

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 07:04 PM IST
छात्र की मां ने पुलिस को बताया छात्र की मां ने पुलिस को बताया

भोपाल। अशोका गार्डन इलाके में 15 वर्षीय आठवीं के छात्र को बेरहमी से पीटने के मामले में एमरॉड अकादमी को-एड स्कूल के संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नाबालिग छात्र की मां का आरोप है कि अगर कोई शिकायत थी, तो मां-बाप को बताना था। बच्चे को पीटने का किसी को अधिकार नहीं था। आरोपी संचालक को पांच साल तक की सजा और 5 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है।

सुभाष नगर निवासी 15 वर्षीय सूरज पिता किशन लाल सुंदर नगर स्थित एमरॉड अकादमी को-एड स्कूल में आठवीं का छात्र है। सूरज की मां इंद्रा ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1 बजे सूरज घर पहुंचा, तो उसको उल्टियां हो रही थी। उसकी पीठ, हाथ, पैर और गर्दन में चोट के निशान थे। सूरज ने रोते हुए बताया कि होमवर्क नहीं करने पर स्कूल के संचालक विजयधर द्विवेदी ने पीटा है। सूरज की बात सुनकर इंद्रा प्रिंसिपल से मिलने स्कूल पहुंच गई। इंद्रा ने आरोप लगाए कि उन्हें स्कूल से बाहर निकाल दिया गया। घटना के बाद उसने अशोका गार्डन थाने पहुंचकर विजयधर द्विवेदी के खिलाफ मारपीट और जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने विजयधर द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया।

मेरे बेटे को किसी को भी पीटने का अधिकार नहीं
इंद्रा ने दैनिक भास्कर को बताया कि बेटे से होमवर्क नहीं करने के चलते मारपीट की गई। अगर मैडम ने सूरज को पीटा होता, तो उन्हें कोई समस्या नहीं थी। लेकिन स्कूल प्रिंसिपल ने जिस तरह से उसके बाल पकड़कर जमीन में पटककर स्केल से पीटा और बाथरूम के पास घुटने के बल बैठने को कहा। वह अमानवीय है।

5 साल तक की हो सकती है सजा
एसआई आरपी सिंह के अनुसार बच्चे की शिकायत पर विजयधर द्विवेदी के खिलाफ मारपीट और 75, 82 जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। बालकों की देखरेख सरंक्षण अधिनियम के तहत इसमें 5 साल तक की सजा और 5 लाख रुपए तक का अधिकतम जुर्माना हो सकता है।

बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए थप्पड़ मारा
सूरज पिछले काफी समय से स्कूल रेगुलर नहीं आ रहा था। उसका होमवर्क भी पूरा नहीं था। मैडम ने उसे होमवर्क पूरा करने को कहा था, तो वह मैडम से ही अभद्रता करने लगा। मैंने गुस्से में उसे एक चांटा मारा, तो उसने मेरा ही हाथ पकड़ लिया। मैंने उसके बेहतर भविष्य के लिए पीटा था। -विजयधर द्विवेदी, संचालक, एमरॉड अकादमी को-एड स्कूल