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बहन मर गई, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी, तो भाई ने अपनाया ये रास्ता

बहन मर गई, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी, तो भाई ने अपनाया ये रास्ता

Amitabh Bhudolia | Last Modified - Nov 14, 2017, 11:57 AM IST

भोपाल।ससुराल पक्ष की मारपीट से अस्पताल में भर्ती बहन आखिरी सांसें ले रही थी और उसका भाई बहन के पति, सास ससुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर काटता रहा। आखिर में बहन ने सोमवार तड़के दम तोड़ दिया, लेकिन तब भी पुलिस ने भाई की शिकायत पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, बल्कि उल्टा उसे डांटते फटकारते रहे। निराश भाई ने परिजनों के साथ अपनी बहन की डेड बॉडी को एम्स तिराहे पर रखकर जमकर हंगामा किया।

तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में ससुराल वालों ने साकेत नगर निवासी 32 वर्षीय रंजीता नीलकंठ को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। महिला के 23 वर्षीय छोटे भाई सावन ने डायल-100 से लेकर थाने तक फोन किया। डायल-100 मौके पर आई, डॉक्टर से बात की और दूसरे थाने का मामला बताकर चली गई। पीड़ित का भाई हबीबगंज थाने पहुंचा। वहां से पुलिसकर्मी मौके पर गए लेकिन शाहपुरा थाने का मामला कहते हुए वे भी लौट गए। यहां अस्पताल में बहन की बिगड़ती तबियत की सूचना मिलते ही सावन शाहपुरा थाने न जाकर अस्पताल आ गया।

- दोपहर को उसने एक बार फिर डायल-100 को कॉल किया। इसके बाद शाहपुरा थाने की एफआरवी से कॉल सावन के पास पहुंचा। उसके घटनाक्रम बताने पर एफआरवी ने मौके का मुआयना तो किया, लेकिन अस्पताल में यह कहते हुए आने से मनाकर दिया कि अस्पताल से सूचना आने पर जाएंगे। जब परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया तो पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने परिजनों की शिकायत दर्ज की। परिजनों ने 12 नंबर स्टाफ स्थित मल्टी में ससुराल में रंजीता से मारपीट की शिकायत की थी। शार्ट पीएम रिपोर्ट में महिला के शरीर में संदिग्ध जहर पाया गया है।

क्यों रखनी पड़ी एम्स तिराहे पर डेड बॉडी
- शादी के बाद से ही कर रहे थे परेशान....साकेत नगर निवासी सावन के अनुसार उसकी बहन रंजीता की 15 साल पहले खंडवा निवासी मुकेश नीलकंठ से शादी हुई थी। शादी के बाद से ही उसे परेशान किया जाने लगा था।
- गत 15 सितंबर 2017 में उसने बताया कि ससुराल वालों ने उससे मारपीट की है। उसकी सूचना पर डायल-100 ने रंजीता की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकेश समेत अन्य खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
- सावन ने बताया कि उसके बाद हम रंजीता को भोपाल ले आए थे। ठीक होने पर पांच दिन पहले बहन की सास और ननद उसे अपने साथ बारह नंबर स्थित अपने रिश्तेदारों के यहां ले गए।
- शाहपुरा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सावन ने आरोप लगाए कि डायल-100 पर कॉल करने से शाहपुरा एफअारवी से फोन आया। अस्पताल से सूचना आने पर ही वह अस्पताल आएंगे।
- मामले में पहली सूचना मिलने के बाद पुलिस को पीड़िता के बयान लेने चाहिए थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद शाहपुरा पुलिस की डायल-100 ने घटनास्थल पर तो पूछताछ की, लेकिन शिकायतकर्ता से मिलना जरूरी नहीं समझा।
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