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६ इंच लंबी लोहे की जंजीर खा गया था ये शख्स, ऐसे अजीब शौक थे इसके

६ इंच लंबी लोहे की जंजीर खा गया था ये शख्स, ऐसे अजीब शौक थे इसके

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2017, 03:42 PM IST
अस्पताल में भर्ती मरीज और उसके अस्पताल में भर्ती मरीज और उसके

भोपाल। मध्य प्रदेश के सतना जिले के इस युवक को लोहे की वस्तुएं निगलने की लत लग गई। वह चोरी-छिपे लोहे की कील, सिक्के और सेविंग ब्लेड निगलने लगा। यहां तक की उसने छह इंच लंबी लोहे की जंजीर तक निगल ली। घरवालों को पता चला तो पेशे से ऑटो चालक मोहम्मद मकसूद को डॉक्टरों को दिखाया गया। जांच में उसे सेप्टीसिमिया निकला। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद उसके पेट से 236 सिक्के, लोहे की कीलें, जंजीर, ब्लेड और लोहे के टुकड़े निकाले। फिलहाल वह अस्पताल में है और इलाज चल रहा है।

बचपन से पड़ गई थी लोहा खाने की आदत
-मकसूद को लोहे की वस्तुएं खाने की आदत बचपन से लग गई थी। उसे परेशानी हो गई तो परिजनों को बताया कि वह भोजन में दाल-चावल रोटी-सब्जी नहीं, लोहा खाना पसंद करता है। घर वाले हैरान रह गए थे। इसके बाद उन्होंने चेकअप कराया। घरवालों ने रीवा में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 20 नवंबर को मरीज का एक्सरे कराया गया। बीते हफ्ते उसकी सर्जरी की गई। सर्जरी विभाग के डॉक्टर प्रियंक शर्मा ने बताया कि यह मरीज मानसिक रूप से विक्षिप्त है। जो भी सिक्के मिलते थे, उसको खा लेता था। तीन महीने से इसे प्रॉब्लम कुछ ज्यादा हो रही थी।

सेप्टीसीमिया ने जकड़ा
- मोहम्मद मकसूद लोहे की चीजें खाता रहा, लेकिन उसे पता ही नहीं चला कि उसे सेप्टीसीमिया जैसी गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया है। जांच पड़ताल कराई गई तो पता चला कि वह जो खाता था, सब उसके पेट में जमा हो रहा है। अगर ऑपरेशन से निकाला नहीं गया तो उसकी मौत हो सकती है।

ऑपरेशन से निकाली 1.5 किलो लोहे की कीलें
-डॉ. प्रियंक शर्मा के नेतृत्व में सात डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया, इसमें मरीज के पेट से 263 सिक्के निकले है। छोटी बड़ी लोहे की कीले 1.50 किलो, 10 से 12 शेविंग ब्लेड, कांच के टुकड़े, पत्थर के टुकड़े, 6 इंच कुत्ते बाधने की जंजीर, 4 बोरा सिलने वाले सूजे सहित करीब 5 किलो की लौह सामग्री पेट से निकली है। सर्जरी करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल साइंस में इस तरह का केस पहले कभी नहीं सुनने को मिला है। हालांकि, पीडि़त अब सकुशल है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार स्वास्थ्य का चेकअप कर रही है। जिसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

टीबी का इलाज करते रहे डॉक्टर
-परिजनों की मानें तो 6 माह पहले मकसूद का इलाज सतना में चल रहा था। जहां सर्जरी विभाग के डॉक्टर टीबी बताकर इलाज करते रहे। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने रीवा मेडिकल कॉलेज में संपर्क किया। वहां डाॅक्टरों ने एक्सरे किया तो चौंकाने वाली बात सामने आई।

पेट से निकले सामान की लिस्ट

- 263 सिक्के
- लोहे की कीले 1.50 किलो
- 10 से 12 शेविंग ब्लेड
- कांच के टुकड़े
- पत्थर के टुकड़े,
- 6 इंच कुत्ते बाधने की जंजीर
, 4 बोरा सिलने वाले सूजे
- कुल वजन पांच किलो

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