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केरवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट में दिखाई दिया टाइगर

केरवा टाइगर रिजर्व फारेस्ट में दिखाई दिया टाइगर

Amitabh Bhudolia | Last Modified - Nov 12, 2017, 03:49 PM IST

भोपाल।केरवा क्षेत्र में टाइगर रिजर्व फारेस्ट में रविवार को एक टाइगर मस्ती में टहलते हुए दिखाई दिया। इसे वन विभाग के एक कर्मचारी ने अपने कैमरे से कैद किया है। dainikbhaskar.com के पास इस एक्सक्लूसिव वीडियो में टाइगर टहलते हुए दिखाई दे रहा है।
- हालांकि बाघ रिजर्व क्षेत्र में ही टहल रहा था, वह गुर्राते हुए इधर-उधर टहलने के बाद वन क्षेत्र में घुस गया। इसके पहले भी बाघों का मूवमेंट दिखाई दिया है।
- इसके पहले भी अक्टूबर के पहले हफ्ते में कलियासोत तेरह शटर के पास बाघ का मूवमेंट दिखाई दिया था। इससे यह साफ हो जाता है कि भोपाल शहर के अासपास बाघ ने अपना अड्डा बना रखा है।
- साल 2016 राजधानीवासियों के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। कलियासोत-केरवा के जंगलों में ही पैदा हुई बाघिन के चार शावक राजधानी में अपना ठिकाना बनाने की तैयारी में हैं। करीब 9 माह के ये शावक 2016 के अंत तक युवा बाघ बनकर अपना इलाका बनाना शुरू कर देंगे, जिसमें कलियासोत और केरवा प्रमुखता से शामिल हैं।

- साल 2011 में कलियासोत केरवा के जंगला में आए बाघ टी1 और बाघिन टी2 के मिलन के बाद बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें दो शावक नर और एक मादा थी, लेकिन इनमें से नर शावकों की मौत हो गई। अपने माता-पिता के साथ तकरीबन डेढ़ साल साथ रहने के बाद युवा हुई बाघिन ने सीहोर, रायसेन और भोपाल के आसपास इलाका तैयार कर लिया।

- बाघिन अपने शावकों को सवा से डेढ़ साल का होने पर छोड़ देती है। इसके बाद युवा हो चुके ये बाघ खुद का ठिकाना बनाते हैं। बाघिन टी21 के ये चार शावक लगभग 9 माह के हो चुके हैं। एेसे में साल के अंत तक बाघिन टी-21 इन्हें छोड़ सकती है। और तब ये युवा बाघ खुद का इलाका बनाना शुरू कर देंगे।
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