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भोपाल गैंगरेप: दरिंदों को जिंदा रहने का हक नहीं, चौराहे पर फांसी दो- विक्टिम

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 12:52 PM IST

पहली बार मीडिया के सामने आई स्टूडेंट ने कहा कि सबसे गंदा बर्ताव पुलिस का रहा।
    • VIDEO: विक्टिम ने कहा कि आरोपी छूट गए तो वे फिर रेप करेंगे।
      भोपाल. यहां गैंगरेप की विक्टिम ने पहली बार मीडिया के सामने आकर बड़ा बयान दिया है। उसने कहा, "चारों दरिंदों को जिंदा रहने का कोई हक नहीं। उन्हें चौराहे पर फांसी पर टांग देना चाहिए। अगर वह छूट गए तो बाहर आकर फिर से रेप करेंगे।" पीड़िता ने नाराजगी जताते हुए कहा, "पुलिस का बर्ताव सबसे ज्यादा खराब था। पूरे दिन हम भटकते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जीआरपी पुलिस के टीआई अंकल बेहद बदतमीज थे, उन्होंने मेरी बातों को अनसुना कर दिया। अगर पुलिस ने सहयोग किया होता तो चारों आरोपी उसी दिन पकड़ लिए जाते।" बता दें कि 31 अक्टूबर की शाम हबीबगंज स्टेशन जा रही यूपीएसी स्टूडेंट के साथ 4 आरोपियों ने गैंगरेप किया था। दूसरे दिन शाम को एफआईआर दर्ज की गई थी।

      आरोपी पकड़ने गए तो लोगों ने अटैक कर दिया

      - पीड़िता ने कहा, "हबीबगंज पुलिस ने थोड़ी मदद की, लेकिन एमपी नगर और जीआरपी पुलिस ने कोई मदद नहीं की। जब हम आरोपी को पकड़ने गए तो बस्ती के लोगों ने हम पर अटैक कर दिया था, लेकिन पापा ने उस आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।"
      - "एक वीडियो में देखा कि जीआरपी की एसपी अनिता मालवीय हंस रही हैं, उन्हें मेरी समस्या पर हंसी आ रही है। उनकी हंसी इस विषय पर उनकी असंवेदनशीलता जाहिर करती है। वह भी एक महिला हैं और रेल पुलिस की एसपी हैं। लड़की ने कहा कि भोपाल में कैसे बेटियां सुरक्षित रहेंगी, अगर पुलिस की एक एसपी इस तरह से हमारी हंसी उड़ाएंगी।"
      - "मेरे माता-पिता दोनों पुलिस में हैं। अगर हमारे साथ ऐसा हुआ, तो सोचिए बाकी लोगों का क्या होता होगा।"
      पहले भी पीड़िता ने बताई थी आपबीती
      - लड़की ने अपने बयान में कहा था, "31 अक्टूबर की शाम को कोचिंग छूटने के बाद स्टेशन जा रही थी। ट्रेन का समय हो रहा था इसलिए मैं शाम करीब साढ़े सात बजे तेज कदमों से एमपी नगर से हबीबगंज रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर-1 की ओर कच्चे रास्ते से चली जा रही थी। इसी दौरान नशे की हालत में दोस्तों के साथ बैठे आरोपी अमर ने उसे अकेला पाकर पकड़ लिया। पकड़ने के बाद उसने अपने साथी गोलू को आवाज दी।"
      - "पकड़ से छूटने के लिए हाथ-पैर चलाना शुरू कर दिया। अब तक गोलू भी वहां पहुंच गया था। दोनों ने कसकर पकड़ लिया। मैंने हार नहीं मानी और कुछ देर तक संघर्ष करती रही। इस बीच तीनों नाले के पास बने गड्ढे में गिर गए। करीब 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में गिरने के बाद भी मैं उनसे झूझती रही। इसके बाद आरोपी उसे खींचते हुए नाले के अंदर ले गए। कपड़े फाड़ दिए, आधे घंटे तक संघर्ष करने के बाद वह निढाल हो गई। इसके बाद छह बार मेरे साथ ज्यादती की। बाद में आरोपी भाग गए।"
      पुलिस ने 11 घंटे सीमा विवाद में उलझाए रखा
      - पिता ने बताया, "मंगलवार (31 अक्टूबर) रात बेटी का अनजान नंबर से फोन आया। उसकी आवाज भी नहीं निकल रही थी। उसने बताया मैं हबीबगंज आरपीएफ ऑफिस में हूं। पहुंचा तो बेटी सहमी हुई खड़ी हुई थी। उसकी हालत देख उसे घर ले आया।"
      - "लड़खड़ाते शब्दों में उसने घटना के बारे में बताया। बेटी को दिलासा दी और बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे बजे उसे पत्नी के साथ लेकर एमपी नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात एसआई आरएम टेकाम मिले। हमारी पूरी बात भी नहीं सुनी और हबीबगंज थाने जाने को कह दिया। बेटी और पत्नी को लेकर हबीबगंज थाने पहुंचा।"
      - "हमारी बात सुनते ही हबीबगंज टीआई हमारे साथ दोपहर करीब साढ़े 11 बजे घटनास्थल पर आ गए। उन्होंने जीआरपी हबीबगंज को फोन किया, लेकिन वहां से कोई भी स्टाफ आने को तैयार नहीं था। इसी बीच हमने ही दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।"
      - "काफी देर बाद जीआरपी का एक एसआई वहां आया। वह भी कुछ सुनने को तैयार नहीं था। उसके काफी देर बाद टीआई जीआरपी हबीबगंज मोहित सक्सेना आए। उनके बीच सीमा को लेकर विवाद चलता रहा। कोई भी इसे अपने क्षेत्र में मानने को तैयार नहीं था।"
      - "बाद में हबीबगंज टीआई के मामला दर्ज करने की बात कहने पर रात साढ़े 8 बजे जीआरपी हबीबगंज ने हमारी शिकायत पर अज्ञात चार आरोपियों पर मामला दर्ज किया।"
      - "हम अपने आप से तो लड़ ही रहे हैं, लेकिन सिस्टम ने हमें तोड़ कर रख दिया। 11 घंटे तक हमें सीमा विवाद में उलझाए रखा। अब बस हमें बेटी का ख्याल रखना है। उसका इलाज चल रहा है। दो दिन बाद वह कुछ ठीक से बोल पा रही है। उसने बस इतना कहा- पापा उन्हें सजा मिलनी चाहिए।"

      3 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
      गोलू उर्फ बिहारी (25), अमर उर्फ गुल्टू (25) और राजेश उर्फ चेतराम (50) को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौथा आरोपी रमेश उर्फ राजू अभी फरार है। वह खानाबदोश है।
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      विक्टिम का कहना है कि मेरे माता-पिता दोनों के पुलिस में होने के बावजूद इस तरह का बर्ताव किया गया। बाकियों के साथ तो क्या होता होगा, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती।
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      3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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      आरोपी को कोर्ट ले जाती पुलिस।
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      घटनास्थल की जांच करती पुलिस।
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      इस पुलिया के नीचे हुआ था रेप।
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      घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी।
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